हरिद्वार में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में विकास, रोजगार, आपदा प्रबंधन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े प्रस्तावों पर लगी मुहर
देहरादून/हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में सोमवार, 12 अक्टूबर को हरिद्वार स्थित मेला नियंत्रण सभागार में हुई उत्तराखंड मंत्रिमंडल की बैठक में 13 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में सेवामुक्त अग्निवीरों को राज्य की वर्दीधारी भर्तियों में राहत देने, मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू करने, बाढ़ संभावित क्षेत्रों के नियमन और अग्निशमन सेवाओं को मजबूत बनाने सहित कई अहम निर्णय लिए गए।
कैबिनेट ने प्रदेश में व्यापारिक गतिविधियों को आसान बनाने, आधारभूत ढांचे के विकास, स्वच्छता मिशन के पदों की निरंतरता और प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा से जुड़े संस्थान के विकास को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले किए।
कैबिनेट के प्रमुख फैसले
1. सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती में राहत
राज्याधीन सेवाओं में समूह ‘ग’ के सीधी भर्ती वाले वर्दीधारी पदों पर सेवामुक्त अग्निवीरों के सेवायोजन के लिए नई क्षैतिज आरक्षण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। नई नियमावली में लिखित परीक्षा और शारीरिक मानक परीक्षा में छूट का प्रावधान शामिल किया गया है। इससे पहले वर्ष 2025 की नियमावली में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण, अधिकतम आयु सीमा और शारीरिक दक्षता परीक्षा में छूट का प्रावधान था।
2. मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना शुरू होगी
विपरीत परिस्थितियों में असाधारण साहस, पराक्रम, मानवीय संवेदना और वीरता का परिचय देने वाले बच्चों को सम्मानित करने के लिए मुख्यमंत्री राज्य बाल वीरता पुरस्कार योजना को मंजूरी दी गई। इसका उद्देश्य साहसी बच्चों को प्रोत्साहित करना और उन्हें दूसरे बच्चों के लिए प्रेरणास्रोत बनाना है।
3. बाढ़ संभावित क्षेत्रों के लिए नई नियमावली
उत्तराखंड बाढ़ मैदान परिक्षेत्रण नियमावली, 2026 को मंजूरी दी गई। इसके तहत बाढ़ संभावित क्षेत्रों में भूमि उपयोग और विकास गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए विस्तृत प्रक्रिया एवं मानक तय किए जाएंगे। इसका उद्देश्य बाढ़ के प्राकृतिक प्रवाह को बनाए रखते हुए जन-धन और महत्वपूर्ण आधारभूत ढांचे को नुकसान से बचाना है।
4. अग्निशमन सेवाओं के लिए नया कानून
उत्तराखंड अग्निशमन एवं आपात सेवा विधेयक, 2026 को विधानसभा में प्रस्तुत करने की मंजूरी दी गई। मॉडल फायर सर्विस बिल, 2019 के अनुरूप तैयार इस विधेयक का उद्देश्य बढ़ते शहरीकरण, औद्योगिक विकास और आगजनी जैसी घटनाओं से निपटने के लिए अग्निशमन एवं आपात सेवाओं को अधिक प्रभावी बनाना है।
5. जन विश्वास संशोधन विधेयक विधानसभा में आएगा
व्यापारिक गतिविधियों को सरल बनाने और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए द्वितीय उत्तराखंड जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) विधेयक, 2026 को विधानसभा में पेश करने की मंजूरी दी गई। इसके तहत छोटे अपराधों को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और मामूली तकनीकी एवं प्रक्रियात्मक त्रुटियों के लिए नागरिक दंड तथा प्रशासनिक कार्रवाई की व्यवस्था प्रस्तावित है।
6. मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान का होगा विकास
हरिद्वार के ऋषिकुल स्थित श्री मदन मोहन मालवीय प्राच्य शोध संस्थान के विकास एवं विस्तार के लिए सोसायटी गठन को सैद्धांतिक मंजूरी दी गई। संस्थान को योग एवं ध्यान, आयुर्वेद अनुसंधान, ज्योतिष एवं प्राच्य अध्ययन, ललित कला, हिंदू अध्ययन एवं दर्शन तथा आध्यात्मिक पर्यटन के केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है।
7. परिसंपत्तियों के मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को
उत्तराखंड निवेश और आधारिक संरचना (विकास और विनियम) अधिनियम, 2023 की अनुसूची-3 में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत सार्वजनिक अभिकरणों, स्थानीय निकायों, राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों और वित्तीय रूप से स्वायत्त संस्थाओं की परिसंपत्तियों के विनिवेश एवं मुद्रीकरण से प्राप्त आय का 92 प्रतिशत हिस्सा संबंधित सार्वजनिक अभिकरणों को देने का प्रावधान किया गया है।
8. विधानसभा के तीसरे सत्र की तैयारियां
उत्तराखंड की पंचम विधानसभा के वर्ष 2026 के तृतीय सत्र को आहूत करने की मंजूरी दी गई। सत्र की तिथि और स्थान निर्धारित करने के लिए मुख्यमंत्री को अधिकृत किया गया है।
9. स्वजल और जल एवं स्वच्छता मिशन के 215 पदों को निरंतरता
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत परियोजना प्रबंधन इकाई, स्वजल और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के कुल 215 पदों की निरंतरता 1 मार्च, 2026 से 28 फरवरी, 2027 तक बढ़ाने की मंजूरी दी गई। इनमें स्वजल के 189 और राज्य जल एवं स्वच्छता मिशन के 26 पद शामिल हैं। संबंधित कार्मिकों को पूर्व की भांति वेतन एवं मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
10. हरिद्वार की आवासीय परियोजना को राहत
भगवानपुर तहसील के ग्राम सिसौना में प्रस्तावित किफायती आवासीय परियोजना के लिए पहुंच मार्ग की न्यूनतम चौड़ाई में शिथिलता को मंजूरी दी गई। लगभग 8.1169 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित परियोजना के लिए निर्धारित नौ मीटर चौड़े मार्ग के स्थान पर उपलब्ध छह मीटर चौड़े मार्ग को स्वीकार करते हुए तीन मीटर की शिथिलता प्रदान की गई।
11. ऊधमसिंह नगर में खसरा संख्या की त्रुटि सुधरेगी
बाजपुर तहसील के ग्राम भौना इस्लामनगर में 24,280 वर्गमीटर भूमि के औद्योगिक से आवासीय भू-उपयोग परिवर्तन संबंधी शासनादेश में खसरा संख्या की त्रुटि सुधारने को मंजूरी दी गई। शासनादेश में गलत दर्ज खसरा संख्या 321/1अ के स्थान पर सही संख्या 321/2अ अंकित की जाएगी।
12. संस्कृति विभाग के वित्तीय अधिकारों में संशोधन
उत्तराखंड वित्तीय हस्त पुस्तिका के संबंधित प्रावधान में संशोधन को मंजूरी दी गई। इसके तहत संस्कृति विभाग के विभागाध्यक्ष के रूप में निदेशक, कला एवं संस्कृति विभाग के स्थान पर महानिदेशक, संस्कृति निदेशालय, उत्तराखंड को प्रतिस्थापित किया जाएगा।
13. केंद्र सरकार के सहयोग के लिए आभार
कैबिनेट ने उत्तराखंड के समग्र विकास में केंद्र सरकार की ओर से मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भारत सरकार का आभार व्यक्त किया। साथ ही राज्य की पर्वतीय, सीमावर्ती और सामरिक परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में भी विकास कार्यों के लिए निरंतर सहयोग की अपेक्षा जताई।
इन फैसलों का फोकस रोजगार, सुरक्षा और विकास
कैबिनेट के निर्णयों में सेवामुक्त अग्निवीरों को भर्ती प्रक्रिया में राहत, बच्चों के साहस को सम्मान देने, बाढ़ जोखिम कम करने और अग्निशमन सेवाओं को आधुनिक आवश्यकताओं के अनुरूप बनाने पर विशेष जोर दिखाई देता है। इसके साथ ही व्यापारिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने और संस्थागत व्यवस्था में सुधार के जरिए राज्य के विकास कार्यों को गति देने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं।
