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  • टीएमसी के मौजूदा हालात को लेकर एनडीए नेताओं का ममता बनर्जी पर तीखा हमला

    टीएमसी के मौजूदा हालात को लेकर एनडीए नेताओं का ममता बनर्जी पर तीखा हमला

    पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में अंदरूनी कलह और टूट-फूट का दौर जारी है। पार्टी को बड़ा झटका देते हुए 20 सांसदों ने टीएमसी से अलग होने का फैसला किया है।

    इस संबंध में बिहार सरकार में मंत्री रामकृपाल यादव ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में कहा कि बंगाल की जनता ने टीएमसी को नकार दिया है। उनके अनुसार, चुनावी पराजय के बाद पार्टी के कई नेता और कार्यकर्ता असंतुष्ट हैं, जिसके चलते वे पार्टी से दूरी बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी शासनकाल के दौरान हुए कथित अत्याचारों और विवादों से पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचा, जिसका असर चुनावी परिणामों में भी देखने को मिला।

    वहीं भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने इसे टीएमसी का आंतरिक मामला बताते हुए कहा कि पार्टी नेतृत्व को दूसरों पर आरोप लगाने के बजाय आत्ममंथन करना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवारवाद और नेतृत्व से जुड़े विवादों के कारण पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा है। पूनावाला ने दावा किया कि टीएमसी के भीतर अब नेतृत्व और संगठन को लेकर गंभीर मतभेद उभरकर सामने आ रहे हैं।

    हालांकि, टीएमसी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई है, यह सामने आना बाकी है।

  • भारतीय निशानेबाज़ी जगत को बड़ा झटका, जसपाल राणा का निधन

    भारतीय निशानेबाज़ी जगत को बड़ा झटका, जसपाल राणा का निधन

    अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का नाम रोशन करने वाले दिग्गज निशानेबाज जसपाल राणा का 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से खेल जगत में शोक की लहर है। जसपाल राणा न केवल देश के सफल निशानेबाजों में शामिल थे, बल्कि वे ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर के कोच के रूप में भी जाने जाते थे।

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि जसपाल राणा एक उत्कृष्ट खिलाड़ी, कुशल प्रशिक्षक और बेहद सरल एवं नेकदिल इंसान थे। उन्होंने भारत में शूटिंग खेल को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर देश का गौरव बढ़ाया।

    जसपाल राणा ने विश्व शूटिंग चैंपियनशिप और एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को कई गौरवपूर्ण क्षण दिए। वर्ष 1994 में अंतरराष्ट्रीय जूनियर प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने के बाद उन्होंने लगातार सफलता की नई ऊंचाइयों को छुआ।

    अपने शानदार करियर के दौरान उन्होंने एशियाई खेलों, राष्ट्रमंडल खेलों और कई राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में अनेक पदक जीतकर भारतीय निशानेबाजी को नई पहचान दिलाई। उनके निधन को भारतीय खेल जगत के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।

  • पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

    पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती

    उत्तराखंड से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत की तबीयत अचानक खराब होने के बाद उन्हें उपचार के लिए दून अस्पताल ले जाया गया।

    मिली जानकारी के अनुसार हरीश रावत को सांस लेने में तकलीफ महसूस हो रही थी, जिसके बाद उन्हें एहतियातन तत्काल दून अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और आवश्यक जांचें की गईं।

    डॉक्टरों की निगरानी में स्वास्थ्य परीक्षण पूरा होने के बाद उनकी स्थिति सामान्य पाई गई, जिसके चलते उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। फिलहाल उनकी तबीयत स्थिर बताई जा रही है।

    हरीश रावत के अस्पताल में भर्ती होने की सूचना मिलते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में चिंता की लहर दौड़ गई थी। हालांकि स्वास्थ्य में सुधार होने और अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद राहत की खबर सामने आई है।

  • विकास के 12 स्वर्णिम वर्ष: सड़क, रेल और हवाई संपर्क से बदली देवभूमि की तस्वीर

    विकास के 12 स्वर्णिम वर्ष: सड़क, रेल और हवाई संपर्क से बदली देवभूमि की तस्वीर

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एक विशेष लेख के माध्यम से उत्तराखंड में हुए अभूतपूर्व विकास कार्यों को रेखांकित किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में बीते 12 वर्षों के दौरान राज्य में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है, जिससे उत्तराखंड के विकास को नई गति और नई दिशा मिली है।

    मुख्यमंत्री धामी ने अपने लेख में उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिसंबर 2016 में महत्वाकांक्षी चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना का शिलान्यास किया था। लगभग 12,000 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित इस परियोजना का उद्देश्य चारों धामों—बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री—को हर मौसम में सुगम और सुरक्षित सड़क संपर्क से जोड़ना है।

    उन्होंने बताया कि परियोजना का लगभग 90 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है, जिसके परिणामस्वरूप चारधाम यात्रा पहले की अपेक्षा अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और सुगम बनी है। साथ ही, इस परियोजना ने पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए आवागमन, व्यापार, पर्यटन और आपदा प्रबंधन की दृष्टि से भी नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में आधारभूत संरचना के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है, जिससे राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों तक विकास की पहुंच सुनिश्चित हुई है और देवभूमि उत्तराखंड एक नए आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ रहा है।

    दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर से मिली विकास को नई रफ्तार

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड को आधुनिक और सुदृढ़ आधारभूत संरचना की दिशा में कई महत्वपूर्ण सौगातें मिली हैं। इनमें दिल्ली-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर विशेष रूप से उल्लेखनीय है। लगभग 11,963 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 210 किलोमीटर लंबे इस अत्याधुनिक हाईवे ने दिल्ली और देहरादून के बीच की दूरी को न केवल कम किया है, बल्कि यात्रा को भी अधिक सुविधाजनक और तेज बना दिया है। इसके संचालन से अब दिल्ली से देहरादून की यात्रा मात्र ढाई घंटे में पूरी करना संभव हो गया है।

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में अनेक महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं पर तेजी से कार्य किया जा रहा है। इनमें सितारगंज-टनकपुर मार्ग, पौंटा साहिब-देहरादून सड़क, भानियावाला-ऋषिकेश मार्ग, काठगोदाम-लालकुआं-हल्द्वानी बाईपास तथा रुद्रपुर बाईपास जैसी परियोजनाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में यातायात सुविधाएं और अधिक सुदृढ़ होंगी तथा आर्थिक गतिविधियों को भी नया बल मिलेगा।

    हवाई कनेक्टिविटी से दूरस्थ क्षेत्रों को मिली नई पहचान

    पिछले 12 वर्षों में उत्तराखंड के दूरस्थ और दुर्गम क्षेत्रों को हवाई सेवाओं से जोड़ने की दिशा में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। केंद्र सरकार के सहयोग से जॉलीग्रांट, पंतनगर और पिथौरागढ़ जैसे प्रमुख हवाई अड्डों का विस्तार किया गया है, जिससे प्रदेश की हवाई कनेक्टिविटी में व्यापक सुधार आया है।

    इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी की महत्वाकांक्षी ‘उड़ान’ योजना के अंतर्गत उत्तराखंड में 18 हेलीपोर्ट विकसित किए जा रहे हैं। इनमें से 12 हेलीपोर्ट पर सेवाएं प्रारंभ हो चुकी हैं। इससे न केवल आम नागरिकों के लिए हवाई यात्रा अधिक सुलभ हुई है, बल्कि पर्यटन, आपदा प्रबंधन और क्षेत्रीय विकास को भी नई गति मिली है। यह पहल दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने और राज्य के समग्र विकास को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।

    रेल कनेक्टिविटी के नए युग की ओर बढ़ता उत्तराखंड

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने लेख में उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड में रेल अवसंरचना के विकास को अभूतपूर्व गति मिली है। लंबे समय से पर्वतीय क्षेत्रों तक रेल पहुंचाने का सपना अब साकार होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।

    उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार के विशेष सहयोग से 125 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर तेजी से कार्य चल रहा है और इसका 72 प्रतिशत से अधिक कार्य पूर्ण किया जा चुका है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना उत्तराखंड के पर्वतीय क्षेत्रों को आधुनिक रेल नेटवर्क से जोड़ने के साथ-साथ पर्यटन, व्यापार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी नई ऊर्जा प्रदान करेगी।

    मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि केंद्र सरकार ने टनकपुर-बागेश्वर रेल लाइन तथा डोईवाला से गंगोत्री-यमुनोत्री तक प्रस्तावित रेल मार्गों के सर्वेक्षण को स्वीकृति प्रदान की है। इन परियोजनाओं के साकार होने से राज्य के दुर्गम क्षेत्रों तक आवागमन और अधिक सुगम होगा तथा विकास की नई संभावनाएं खुलेंगी।

    इसके अतिरिक्त, अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत उत्तराखंड के 11 रेलवे स्टेशनों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है। इन स्टेशनों को आधुनिक सुविधाओं, बेहतर यात्री सेवाओं और आकर्षक स्वरूप से सुसज्जित किया जा रहा है, जिससे यात्रियों को विश्वस्तरीय अनुभव प्राप्त होगा।

    उत्तराखंड के विकास में स्वर्णिम अध्याय साबित हुआ मोदी काल

    मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का कार्यकाल उत्तराखंड के विकास इतिहास में स्वर्णिम अक्षरों में अंकित किया जाएगा। बीते 12 वर्षों में सड़क, रेल और हवाई कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हुए व्यापक विस्तार ने राज्य के विकास को नई दिशा और नई गति प्रदान की है।

    उन्होंने कहा कि आज उत्तराखंड का कोई भी क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से दूर नहीं है। बेहतर संपर्क सुविधाओं के कारण प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से बड़े शहरों तक कुछ ही घंटों में पहुंचना संभव हो गया है। राज्य सरकार भी केंद्र सरकार के सहयोग से प्रदेश में आधुनिक और सुदृढ़ यातायात सुविधाओं के विकास के लिए निरंतर कार्य कर रही है, ताकि उत्तराखंड को देश के अग्रणी राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सके।

  • Big breaking :-बाजार में नकली एवं कूटरचित दवाओं का खतरा स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु आम नागरिकों और दवा विक्रेताओं के लिए विशेष चेतावनी

    Big breaking :-बाजार में नकली एवं कूटरचित दवाओं का खतरा स्वास्थ्य सुरक्षा हेतु आम नागरिकों और दवा विक्रेताओं के लिए विशेष चेतावनी

    देहरादून। नकली एवं कूटरचित दवाओं के निर्माण, विक्रय तथा ऑनलाइन कारोबार में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि ऐसे अपराध जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा हैं और इनमें शामिल लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।

    उन्होंने बताया कि नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री और ऑनलाइन व्यापार में लिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318, 336 एवं 338, कॉपीराइट अधिनियम की धारा 63/65 तथा आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कर सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

    एसएसपी एसटीएफ ने आमजन और दवा विक्रेताओं से अपील की है कि वे दवाओं की खरीद-बिक्री के दौरान पूरी सतर्कता बरतें तथा किसी भी संदिग्ध दवा, वेबसाइट या ऑनलाइन विक्रेता की सूचना तत्काल संबंधित विभाग अथवा पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

    मरीजों और ग्राहकों के लिए जरूरी सावधानियां

    नकली एवं कूटरचित दवाओं से बचाव के लिए मरीजों और उपभोक्ताओं को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार दवा खरीदते समय हमेशा अधिकृत मेडिकल स्टोर से ही दवा खरीदें और उसका बिल अवश्य लें। बिल में दवा का नाम, बैच नंबर तथा अन्य आवश्यक विवरण दर्ज होना चाहिए।

    दवा की स्ट्रिप या पैकेजिंग पर अंकित QR कोड अथवा बारकोड को मोबाइल से स्कैन कर उसकी जानकारी सत्यापित करें। स्कैन करने पर दवा, निर्माता कंपनी, बैच नंबर एवं अन्य महत्वपूर्ण विवरण प्रदर्शित होते हैं, जिससे उसकी प्रामाणिकता की पुष्टि की जा सकती है।

    दवा के पैकेट पर लगे लेबल को ध्यानपूर्वक जांचें। वर्तनी की त्रुटियां, ओवर-प्रिंटिंग, धुंधली छपाई अथवा अन्य किसी प्रकार की विसंगति दिखाई दे तो दवा संदिग्ध हो सकती है। साथ ही बिल में अंकित बैच नंबर, निर्माण तिथि (Mfg.), समाप्ति तिथि (Exp.), अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) एवं अन्य विवरणों का उत्पाद पर अंकित जानकारी से मिलान अवश्य करें।

    केंद्र सरकार ने 200 जीवनरक्षक दवाओं की प्रत्येक स्ट्रिप पर यूनिक कोड अनिवार्य किया है। QR कोड स्कैन करने पर संबंधित स्ट्रिप की जानकारी दिखाई देती है तथा यह रिकॉर्ड संबंधित दवा कंपनी के सर्वर पर भी दर्ज हो जाता है, जिससे दवा की सत्यता की पुष्टि करना आसान हो जाता है।

    इसके अलावा यदि कोई विक्रेता किसी दवा पर असामान्य या अत्यधिक छूट का प्रलोभन दे रहा हो तो विशेष सावधानी बरतें। कई मामलों में नकली या संदिग्ध दवाओं की बिक्री के लिए भारी छूट का लालच दिया जाता है। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़े से आर्थिक लाभ के लिए अपने स्वास्थ्य और जीवन को जोखिम में डालना उचित नहीं है। इसलिए दवा खरीदते समय पूरी सतर्कता बरतें और किसी भी संदिग्ध दवा की सूचना संबंधित विभाग या पुलिस को दें।

    दवा विक्रेताओं के लिए महत्वपूर्ण सुझाव

    नकली एवं कूटरचित दवाओं के कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए दवा विक्रेताओं को विशेष सतर्कता बरतने की आवश्यकता है। विशेषज्ञों के अनुसार दवाओं की खरीद केवल लाइसेंसधारी एवं अधिकृत थोक विक्रेताओं (होलसेलर्स) से ही की जानी चाहिए। किसी भी दवा की खरीद के समय बिल, जीएसटी विवरण, बैच नंबर तथा आपूर्ति स्रोत का सत्यापन अवश्य करें।

    दवा विक्रेताओं को ऐसे व्यक्तियों से विशेष सावधान रहने की सलाह दी गई है जो मेडिकल स्टोर पर आकर या फोन कॉल के माध्यम से बाजार मूल्य से अत्यधिक कम कीमत पर दवाएं उपलब्ध कराने का प्रस्ताव देते हैं। कई मामलों में नकली दवा आपूर्ति करने वाले गिरोह फर्जी बिलों एवं कूटरचित दस्तावेजों का उपयोग करते हैं। इसलिए प्रत्येक दस्तावेज की सावधानीपूर्वक जांच करना आवश्यक है।

    सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर संचालित ऑनलाइन दवा विक्रेता पेजों पर बिना सत्यापन के भरोसा न करें। ऐसे कई फर्जी विक्रेता नकली या अवैध लाइसेंस का उपयोग कर उपभोक्ताओं और दवा विक्रेताओं को धोखा देने का प्रयास करते हैं। ये फर्जी खातों में भुगतान प्राप्त कर नकली दवाएं कूरियर के माध्यम से भेज सकते हैं। इसलिए ऑनलाइन दवा खरीद-बिक्री केवल अधिकृत एवं पंजीकृत संस्थाओं के माध्यम से ही की जानी चाहिए।

  • मुख्यमंत्री धामी ने 221 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले— सरकारी सेवा जनसेवा का महत्वपूर्ण अवसर

    मुख्यमंत्री धामी ने 221 अभ्यर्थियों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले— सरकारी सेवा जनसेवा का महत्वपूर्ण अवसर

    देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्य सेवक सदन में आयोजित नियुक्ति पत्र वितरण कार्यक्रम में उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) के माध्यम से चयनित 221 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। चयनित युवाओं की नियुक्तियां शहरी विकास, कौशल विकास एवं सेवायोजन तथा पशुपालन विभाग में विभिन्न पदों पर की गई हैं।

    इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी नवनियुक्त अभ्यर्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि राज्य सरकार युवाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और भ्रष्टाचार-मुक्त भर्ती प्रक्रिया के माध्यम से सरकारी सेवाओं से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में तकनीक का व्यापक उपयोग किया गया है, जिससे चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ी है और युवाओं का विश्वास भी मजबूत हुआ है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य योग्य, प्रतिभाशाली और मेहनती युवाओं को बिना किसी भेदभाव के अवसर उपलब्ध कराना है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2021 से अब तक राज्य में 33 हजार से अधिक युवाओं को विभिन्न सरकारी विभागों में नियुक्ति प्रदान की जा चुकी है, जो युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

    श्री धामी ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों से अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा केवल रोजगार प्राप्त करने का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज और राज्य की सेवा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी है। प्रत्येक कर्मचारी की कार्यशैली और प्रतिबद्धता का सीधा प्रभाव जनता तक पहुंचने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर पड़ता है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड तेजी से विकास के पथ पर अग्रसर है और इस विकास यात्रा में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अपेक्षा व्यक्त की कि सभी नवनियुक्त कार्मिक अपने कार्यों के माध्यम से सुशासन, पारदर्शिता और जनकल्याण की भावना को आगे बढ़ाते हुए राज्य के समग्र विकास में सक्रिय योगदान देंगे।

    कार्यक्रम में बताया गया कि UKSSSC के माध्यम से चयनित इन 221 अभ्यर्थियों की नियुक्ति से संबंधित विभागों में रिक्त पदों की पूर्ति होगी, जिससे प्रशासनिक कार्यों में गति आएगी तथा आम जनता को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता और दक्षता में भी सुधार होगा। राज्य सरकार लगातार विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया को आगे बढ़ा रही है ताकि योग्य युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त हों और शासन-प्रशासन को अधिक प्रभावी बनाया जा सके।

    नियुक्ति पत्र प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों ने राज्य सरकार और मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा एवं समर्पण के साथ निर्वहन करने का संकल्प व्यक्त किया।

  • कुंभ की वैश्विक पहचान: हरिद्वार पहुंचे जापानी संत, बोले- जापान से बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भागीदारी

    कुंभ की वैश्विक पहचान: हरिद्वार पहुंचे जापानी संत, बोले- जापान से बढ़ेगी श्रद्धालुओं की भागीदारी

    हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन साधु-संतों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। कुंभ की भव्यता और दिव्यता की चर्चा अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है। इसी क्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने साधु-संतों के साथ प्रस्तावित गंगा घाटों एवं अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान जापान से आए संत भी मौजूद रहे।

    निरीक्षण के दौरान संतों और मेला प्रशासन के अधिकारियों ने निर्माण स्थलों का दौरा किया तथा कुंभ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। संतों ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ मेला 2027 की तैयारियां तेजी और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही हैं।

    संतों ने कहा कि कुंभ केवल भारत का नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें दुनिया भर से श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं। यही कारण है कि तैयारियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।

    जापान से आए संतों ने बताया कि वहां सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कुंभ मेले में जापान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत हरिद्वार पहुंचेंगे तथा इस आध्यात्मिक महापर्व का हिस्सा बनेंगे।

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