विकासनगर। पछवादून गढ़वाल सभा ने अंकिता भंडारी हत्याकांड में कथित वीआईपी की भूमिका की निष्पक्ष सीबीआई जांच पूरी होने तक सिक्किम के राज्यपाल को पद से हटाने की मांग की है। बुधवार को सभा ने राष्ट्रपति के नाम उपजिलाधिकारी विकासनगर के माध्यम से ज्ञापन भेजकर कार्रवाई की मांग की।
सभा के अध्यक्ष एडवोकेट रोशन नेगी के नेतृत्व में भेजे गए ज्ञापन में कहा गया कि अंकिता भंडारी हत्याकांड के बाद से ही एक वीआईपी की भूमिका को लेकर सवाल उठते रहे हैं। ज्ञापन में वनंतरा रिसॉर्ट पर बुलडोजर चलाए जाने से महत्वपूर्ण डिजिटल और फोरेंसिक साक्ष्य नष्ट होने की आशंका भी जताई गई। सभा ने कहा कि अंकिता के माता-पिता अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में मामले की निष्पक्ष जांच कर सभी तथ्यों को सामने लाना जरूरी है।
सभा के सचिव लक्ष्मी प्रसाद कोठियाल ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड पूरे उत्तराखंड की भावनाओं से जुड़ा मामला है। पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कथित वीआईपी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब जांच के माध्यम से सामने आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल पद से हटाने की मांग पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई कि सीबीआई जांच पूरी होने तक संबंधित व्यक्ति को राज्यपाल पद से हटाया जाए, ताकि संवैधानिक पद की गरिमा बनी रहे और अंकिता भंडारी के परिवार को न्याय मिल सके। ज्ञापन देने वालों में अध्यक्ष रोशन नेगी, सचिव लक्ष्मी प्रसाद कोठियाल, कोषाध्यक्ष सुभाष ममगाईं, प्रचार सचिव अजय जुयाल, सुमन ममगाईं, उप सचिव अनूप रावत,लेखा निरीक्षक जीवन सिंह सजवाण, वैधानिक सलाहकार एडवोकेट राजेश नौटियाल, मयंक सेमवाल, नरेश पैन्यूली, सुरेशानंद बेलवाल, सानू कुकरेती और नरेश चौहान आदि मौजूद रहे।
