नई फिल्म नीति के बाद शूटिंग डेस्टिनेशन से फिल्म निर्माण केंद्र बनने की ओर बढ़ा राज्य, 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और एनओसी गतिविधियां दर्ज
देहरादून। उत्तराखंड की प्राकृतिक खूबसूरती अब केवल फिल्मों में नजर आने वाली लोकेशन तक सीमित नहीं रह गई है। नई फिल्म नीति के लागू होने के बाद प्रदेश में फिल्म निर्माण से जुड़ी गतिविधियों में तेजी आई है। पिछले कुछ वर्षों में फिल्म निर्माताओं ने उत्तराखंड में शूटिंग पर 1,759.62 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। इससे प्रदेश शूटिंग डेस्टिनेशन से आगे बढ़कर फिल्म निर्माण के समग्र केंद्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है।
फिल्म शूटिंग को बढ़ावा देने के लिए लागू उत्तराखंड फिल्म नीति-2024 में निर्माताओं के लिए सिंगल विंडो व्यवस्था, विभिन्न प्रोत्साहन और अनुदान, फिल्म पुरस्कार, प्रशिक्षण एवं छात्रवृत्ति तथा पोस्ट प्रोडक्शन सुविधाओं का प्रावधान किया गया है। नीति का उद्देश्य शूटिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ ही प्रदेश की स्थानीय प्रतिभाओं को फिल्म उद्योग में अवसर उपलब्ध कराना है।
2021-22 से 2025-26 तक 52 फिल्मों को अनुदान
फिल्म नीति के तहत पात्र फिल्मों को अनुदान भी दिया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक 52 फिल्मों को अनुदान प्रदान किया गया। इनमें हिंदी के साथ गढ़वाली, कुमाऊंनी, जौनसारी और उत्तराखंड की अन्य भाषाओं में बनी फिल्में शामिल हैं। अकेले वित्तीय वर्ष 2025-26 में 25 फिल्मों को अनुदान दिया गया।
वहीं, वर्ष 2019-20 से 2025-26 तक प्रदेश में 1,440 से अधिक फिल्मों की शूटिंग और एनओसी से संबंधित गतिविधियां दर्ज की गई हैं।
चार वर्षों में 1,664 करोड़ से अधिक का शूटिंग खर्च
सरकारी आंकड़ों के अनुसार उत्तराखंड में फिल्म शूटिंग पर खर्च लगातार बढ़ा है।
वित्तीय वर्ष शूटिंग निवेश
2022-23 ₹379.75 करोड़
2023-24 ₹332.01 करोड़
2024-25 ₹531.62 करोड़
2025-26 ₹420.72 करोड़
2026-27* ₹95.52 करोड़
*19 सितंबर 2026 तक के आंकड़े।
पहली बार फिल्म पुरस्कार का आयोजन
फिल्म नीति के तहत पहली बार उत्तराखंड फिल्म पुरस्कार-2024 एवं 2025 का आयोजन किया जा रहा है। इसके माध्यम से प्रदेश में निर्मित अथवा फिल्मांकित फिल्मों के साथ स्थानीय बोलियों और भारतीय भाषाओं की फिल्मों, कलाकारों, तकनीशियनों और अन्य रचनात्मक प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक सुंदरता और भौगोलिक परिस्थितियां फिल्म शूटिंग के लिए उपयुक्त हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में फिल्म निर्माण को बढ़ावा मिले और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा आर्थिक गतिविधियों का विस्तार हो। शूटिंग की अनुमति प्रक्रिया को सरल बनाने के साथ फिल्म निर्माताओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर लगातार काम किया जा रहा है।
शूटिंग से स्थानीय कारोबार को भी फायदा
फिल्मों और वेब सीरीज की शूटिंग का असर केवल फिल्म उद्योग तक सीमित नहीं है। शूटिंग टीमों के ठहरने से होटल कारोबार, कलाकारों और तकनीकी टीमों की आवाजाही से परिवहन क्षेत्र, जबकि स्पॉट बॉय, तकनीकी स्टाफ, गाइड और अन्य सेवाओं में स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं। स्थानीय कलाकारों को फिल्मों और वेब सीरीज में काम मिलने के साथ शूटिंग लोकेशन भविष्य में पर्यटन के नए केंद्र भी बन सकती हैं।
