परिवार की परिस्थितियों के कारण पढ़ाई छोड़ने वाली बालिकाओं को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन का अभियान

देहरादून। पारिवारिक, आर्थिक और अन्य परिस्थितियों के कारण पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी बालिकाओं को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के तहत अब तक जिले में 444 ड्रॉपआउट छात्राओं का चिन्हीकरण किया गया है। इनमें से पहले चरण में 112 छात्राओं का विद्यालयों में दाखिला कराया जा चुका है।

जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग की ओर से अब दूसरे चरण की कार्रवाई शुरू की गई है। इसके तहत 111 और ड्रॉपआउट छात्राओं को स्कूल से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि चिन्हीकरण के बाद प्रत्येक बालिका की पारिवारिक और सामाजिक परिस्थितियों की जानकारी जुटाकर उसकी आयु और शैक्षणिक स्तर के अनुरूप विद्यालय में प्रवेश सुनिश्चित कराया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि पारिवारिक समस्याओं, आर्थिक कठिनाइयों या अन्य परिस्थितियों के कारण कोई भी बालिका शिक्षा से वंचित नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ड्रॉपआउट छात्राओं को केवल चिन्हित करने तक अभियान सीमित न रहे, बल्कि उनके पुनः प्रवेश की प्रक्रिया भी प्रभावी ढंग से पूरी कराई जाए। जरूरत पड़ने पर संबंधित परिवारों से समन्वय कर बालिकाओं को पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रेरित किया जाए।

जिला प्रशासन की इस पहल से उन छात्राओं को दोबारा पढ़ाई शुरू करने का अवसर मिल रहा है, जिनकी शिक्षा किसी कारणवश बीच में छूट गई थी। प्रशासन का कहना है कि शिक्षा से जुड़ने के बाद इन बालिकाओं को आगे बढ़ने और आत्मनिर्भर बनने के नए अवसर मिल सकेंगे। शिक्षा विभाग और संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से अभियान को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार