58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1880 मीटर मीडियन मार्कर और 500 मीटर सोलर स्टड्स लगाए
देहरादून। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सड़क सुरक्षा के उपाय तेज कर दिए हैं। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में स्पष्ट साइनेज, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और अन्य सुरक्षा इंतजाम प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
ऋषिपर्णा सभागार में आयोजित सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में दुर्घटना संभावित क्षेत्रों, खराब स्ट्रीट एवं ट्रैफिक लाइट, मसूरी में रेस ड्राइविंग तथा मानसून से क्षतिग्रस्त सड़कों और गड्ढों की स्थिति की समीक्षा की गई।
प्रशासन के अनुसार आशारोड़ी क्षेत्र में सड़क सुरक्षा के लिए 58 साइन बोर्ड, 485 मीटर रंबल स्ट्रिप्स, 1880 मीटर मीडियन मार्कर और 500 मीटर सोलर स्टड्स लगाए जा चुके हैं। जिलाधिकारी ने अन्य दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में भी इसी तरह के आवश्यक सुरक्षा उपाय करने के निर्देश दिए।
नगर क्षेत्र में खराब स्ट्रीट लाइट और ट्रैफिक लाइटों को लेकर भी जिलाधिकारी ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने स्मार्ट सिटी के माध्यम से खराब लाइटों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें चालू कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था की अहम भूमिका है, इसलिए लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मसूरी में रेस ड्राइविंग पर कार्रवाई के निर्देश
मसूरी क्षेत्र में रेस ड्राइविंग की घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निगरानी और प्रवर्तन व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए गए। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने को कहा गया है।
92 सड़कों की जांच करेंगे 46 अधिकारी
नगर निगम क्षेत्र की 92 सड़कों को गड्ढामुक्त करने के लिए 46 जिला स्तरीय अधिकारियों की तैनाती की गई है। अधिकारी अपने-अपने आवंटित मार्गों का स्थलीय निरीक्षण कर गड्ढों और क्षतिग्रस्त हिस्सों को चिन्हित करेंगे। निरीक्षण के दौरान सड़क की स्थिति की फोटो सहित रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को दो दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण को अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि संबंधित विभाग और कार्यदायी संस्थाएं मरम्मत कार्य समयबद्ध तरीके से करा सकें।
जिलाधिकारी ने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल यातायात नियमों के पालन तक सीमित नहीं है। सुरक्षित सड़क संरचना, पर्याप्त रोशनी, स्पष्ट साइनेज, निगरानी और समयबद्ध मरम्मत भी सड़क सुरक्षा का अहम हिस्सा हैं।
