देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी की महासचिव एवं अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की सदस्य इशिता सेढा ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित किए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था में लिए जाने वाले फैसलों और दर्ज की गई आपत्तियों से जुड़े तथ्यों की जानकारी जनता के सामने स्पष्ट रूप से आनी चाहिए।
इशिता सेढा ने कहा कि द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों के दौरान निर्वाचन आयोग के विभिन्न फैसलों और आदेशों पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज कराई। रिपोर्ट के अनुसार, इन आपत्तियों से जुड़े विषयों में मतदाता सूची, नए मतदाताओं के पंजीयन, नाम जोड़ने-हटाने और चुनावी डेटा के प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग देश के लोकतांत्रिक ढांचे की महत्वपूर्ण संवैधानिक संस्था है। ऐसे में आयोग के भीतर दर्ज की गई आपत्तियों और उनसे संबंधित रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाने चाहिए, ताकि देश की जनता के सामने पूरी स्थिति स्पष्ट हो सके।
इशिता सेढा ने कहा कि कांग्रेस की मांग है कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार अपने पद से इस्तीफा दें और दोनों चुनाव आयुक्तों द्वारा दर्ज कराई गई आपत्तियों से संबंधित सभी रिकॉर्ड सार्वजनिक किए जाएं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और पारदर्शिता को लेकर जनता का विश्वास कायम रहना जरूरी है। कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर सड़क से सदन तक लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज बुलंद करेगी।
