राष्ट्रीय एकता दिवस पर ‘Fight Against Drugs’ थीम के तहत अभियान, देहरादून में करीब 1,000 लोगों ने ली नशा-मुक्ति की शपथ
देहरादून, 17 अक्टूबर। नशे के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने और युवाओं को नशा-मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करने के उद्देश्य से उत्तराखंड पुलिस का 12 सदस्यीय मोटरसाइकिल दल शनिवार को गुजरात के लिए रवाना हुआ। राष्ट्रीय एकता दिवस-2026 के अवसर पर आयोजित राष्ट्रीय मोटरसाइकिल रैली की थीम ‘फाइट अगेंस्ट ड्रग्स’ रखी गई है। यह दल 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर में आयोजित राष्ट्रीय एकता दिवस समारोह और परेड में प्रतिभाग करेगा।
पुलिस लाइन देहरादून में ‘नशा मुक्त भारत अभियान’ के तहत ‘मेरी शुरुआत खुद से’ थीम पर जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, अपराध एवं कानून व्यवस्था वी. मुरुगेशन ने उपस्थित लोगों को नशा न करने और समाज को नशा-मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इसके बाद उन्होंने हरी झंडी दिखाकर मोटरसाइकिल दल को गुजरात के लिए रवाना किया।
पुलिस अधिकारियों ने दल के सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए यात्रा के दौरान अनुशासन बनाए रखने, सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और उत्तराखंड पुलिस की गरिमा के अनुरूप आचरण करने के निर्देश दिए। अधिकारियों ने कहा कि यह रैली राष्ट्रीय एकता और अखंडता के संदेश के साथ मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का महत्वपूर्ण माध्यम है।
छात्रों और युवाओं को भी करेंगे जागरूक
उत्तराखंड पुलिस का दल देहरादून से हरिद्वार होते हुए नई दिल्ली पहुंचेगा। यहां 21 अक्टूबर को राष्ट्रीय पुलिस स्मारक से उत्तरी जोन के दलों को संयुक्त रूप से रवाना किया जाएगा। विभिन्न राज्यों से गुजरते हुए सभी दल 31 अक्टूबर को गुजरात के एकता नगर पहुंचेंगे। इस राष्ट्रीय अभियान की नोडल एजेंसी केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) है।
यात्रा के दौरान उत्तराखंड पुलिस के जवान विभिन्न पड़ावों पर स्थानीय नागरिकों, छात्र-छात्राओं और युवाओं से संवाद करेंगे। उन्हें नशे के शारीरिक और मानसिक दुष्प्रभावों की जानकारी देने के साथ नशा-मुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरित किया जाएगा।
करीब 1,000 लोगों ने ली नशा-मुक्ति की शपथ
देहरादून में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों के करीब 300 छात्र-छात्राओं सहित शिक्षकों, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारियों और पुलिसकर्मियों समेत लगभग 1,000 लोगों ने प्रतिभाग किया। गोष्ठी में विशेषज्ञों ने नशे के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों की जानकारी दी।
डॉ. शिल्पी अरोड़ा ने नशे से होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया। इस दौरान विद्यार्थियों के साथ संवाद और प्रश्नोत्तर सत्र भी आयोजित किया गया, जिसमें छात्रों ने अपनी जिज्ञासाएं रखीं। कार्यक्रम स्थल पर बनाया गया ‘नशा मुक्त उत्तराखंड–मेरी शुरुआत खुद से’ सेल्फी पॉइंट भी युवाओं और विद्यार्थियों के आकर्षण का केंद्र रहा।
कार्यक्रम में पुलिस महानिरीक्षक विम्मी सचदेवा, कृष्ण कुमार वीके, नीलेश आनंद भरणे और सुनील कुमार मीणा सहित पुलिस उपमहानिरीक्षक धीरेन्द्र गुंज्याल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून तथा अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
