सरकारी विभागों पर 1300 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा, यूपीसीएल के एमडी से मिले जन संघर्ष मोर्चा अध्यक्ष
विकासनगर। आम उपभोक्ता का पांच हजार रुपये बिजली बिल बकाया होने पर कनेक्शन काट दिया जाता है, लेकिन सरकारी विभागों पर करोड़ों रुपये बकाया होने के बावजूद कार्रवाई नहीं होती। जन संघर्ष मोर्चा के अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने इस मुद्दे पर यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक प्रकाश चंद्र ध्यानी से मुलाकात कर समान कार्रवाई की मांग की। नेगी ने बताया कि एमडी ने मामले में कार्रवाई का भरोसा दिया है।
नेगी ने कहा कि आम उपभोक्ताओं के बकाया बिलों की वसूली में सख्ती बरती जाती है, जबकि सरकारी विभागों पर लगभग 1300 करोड़ रुपये बकाया होने के बावजूद बिजली निगम प्रभावी कदम नहीं उठाता। उन्होंने इसे आम उपभोक्ताओं के साथ भेदभाव बताते हुए सरकारी विभागों से भी बकाया वसूली के लिए सख्ती करने की मांग की।
मोर्चा की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, जल निगम और जल संस्थान पर 450 करोड़, सिंचाई विभाग पर 452 करोड़, नगर निगमों और नगर पालिकाओं पर 76 करोड़ तथा अन्य सरकारी विभागों पर 150 करोड़ रुपये बकाया हैं। वहीं, सांसदों-विधायकों के आवासों पर 45 करोड़, एमएसएसवाई पर 258 करोड़ और स्मार्ट सिटी पर 45 करोड़ रुपये बकाया होने का दावा किया गया है।
नेगी ने कहा कि सरकारी विभागों से बकाया वसूली नहीं होने का असर अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ता है। उन्होंने यूपीसीएल से मांग की कि सरकारी विभागों के खिलाफ भी कार्रवाई कर बकाया वसूला जाए।
