विधायक उमेश शर्मा काऊ ने किया उद्घाटन, बालक वर्ग में 15 और बालिका वर्ग में 5 टीमों की भागीदारी

देहरादून, 9 अक्टूबर। खेल विद्यार्थियों में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने के साथ उनके सर्वांगीण विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसी उद्देश्य के साथ शुक्रवार को राजकीय महाविद्यालय मालदेवता में श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय की दो दिवसीय अंतर महाविद्यालयीय वॉलीबॉल प्रतियोगिता 2026-27 का शुभारंभ हुआ। क्षेत्रीय विधायक उमेश शर्मा काऊ ने प्रतियोगिता का उद्घाटन कर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

उद्घाटन अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ ने बालक और बालिका वर्ग के खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देते हुए खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि खेलों से विद्यार्थियों में अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास और आपसी सहयोग की भावना विकसित होती है। खिलाड़ियों को अपने प्रदर्शन के दम पर महाविद्यालय और विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय महाविद्यालय मालदेवता के प्राचार्य प्रो. बीपी अग्रवाल ने की। विश्वविद्यालय के क्रीड़ा सचिव पुष्कर गौड़ ने बताया कि प्रतियोगिता में बालक वर्ग की 15 और बालिका वर्ग की पांच टीमें हिस्सा ले रही हैं। बालक वर्ग में मालदेवता, उत्तरकाशी, त्यूणी, लक्सर, नई टिहरी, कर्णप्रयाग, अगस्त्यमुनि, डाकपत्थर, साहिया, ऋषिकेश, पुरोला, कोटद्वार सहित देहरादून और हरिद्वार के विभिन्न महाविद्यालयों की टीमें शामिल हैं।

वहीं, बालिका वर्ग में मालदेवता, उत्तरकाशी, कर्णप्रयाग, श्रीदेव सुमन विश्वविद्यालय परिसर ऋषिकेश और राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार की टीमें अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं।

महाविद्यालय की क्रीड़ा प्रभारी सुमन गुसाईं ने बताया कि दो दिवसीय प्रतियोगिता का उद्देश्य विद्यार्थियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराना और उनमें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करना है। प्रतियोगिता के माध्यम से खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के साथ दूसरे महाविद्यालयों के खिलाड़ियों से सीखने का अवसर भी मिल रहा है।

इस अवसर पर विश्वविद्यालय क्रीड़ा परिषद के सदस्य अनिल सिंह तोमर और हीरा सिंह बिष्ट सहित आयोजन महाविद्यालय के क्रीड़ा प्रभारी, आयोजन समिति के सदस्य और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार