रामपुर मंडी/विकासनगर। यमुना नदी क्षेत्र में अवैध खनन, अवैध शिकार और वन अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए वन विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। प्रभागीय वनाधिकारी चकराता वन प्रभाग के निर्देशन में वन क्षेत्राधिकारी वानिकी प्रशिक्षण केंद्र रामपुर मंडी के नेतृत्व में फील्ड स्टाफ की संयुक्त टीम का गठन किया गया है।

वन विभाग के अनुसार यमुना नदी के आसपास स्थित आरक्षित वन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर अवैध शिकार, अवैध खनन तथा अन्य वन अपराधों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। क्षेत्र की संवेदनशीलता, सीमित संसाधनों और सीमा विवाद जैसी परिस्थितियों को देखते हुए विशेष गश्ती एवं निगरानी अभियान संचालित किया जा रहा है।

इस अभियान में वानिकी प्रशिक्षण केंद्र रामपुर मंडी के प्रशिक्षु भी शामिल हैं, जिन्हें फील्ड स्तर पर वन अपराधों की रोकथाम और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। टीम द्वारा दिन-रात संयुक्त गश्त कर यमुना नदी के किनारे स्थित आरक्षित वन क्षेत्रों में अवैध शिकार, अवैध खनन और अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।

वन विभाग का कहना है कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। अभियान के तहत स्थानीय स्तर पर निगरानी बढ़ाने के साथ-साथ वन संपदा की सुरक्षा सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

गश्ती दल में शामिल सदस्य:

गोतम क्षेत्री (वन दरोगा), पूनम चौहान (वन बीट अधिकारी), सपना चौहान (वन आरक्षी), विप्लवी (वन आरक्षी), मुख्त्यार (बीट सहायक), जाहिद हसन (चौकीदार), रमेश गौतम, सुशील कर्णवाल, राजेंद्र कुमार, इकबाल और मनोज (फायर वाचर) शामिल हैं।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार