जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बैंकों एवं गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) की कार्यप्रणाली पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनता के साथ किसी भी प्रकार की मनमानी या उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऋषिपर्णा सभागार में जिला स्तरीय पुनरीक्षण समिति (DLRC) एवं जिला सलाहकार समिति (DCC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए डीएम ने कहा कि जिले का पैसा जिले के विकास कार्यों में ही लगना चाहिए।

उन्होंने बैंकों को निर्देश दिए कि केवल जमा जुटाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि रोजगारपरक योजनाओं को धरातल पर उतारने में भी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। डीएम ने कहा कि यदि बैंक आम जनता को अनावश्यक रूप से परेशान करेंगे तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में जिलाधिकारी ने NBFCs को भी कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि गरीबों को कर्ज के जाल में फंसाकर उनकी संपत्ति नीलाम करने जैसी गतिविधियां किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं की जाएंगी। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी प्रकार की अनियमितता या कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति बनी तो प्रशासन सख्त कदम उठाएगा।

समीक्षा बैठक में अनुपस्थित रहने पर बंधन बैंक, इंडसइंड बैंक और आईडीएफसी बैंक के खिलाफ शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। डीएम ने इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई।

सीडी रेशियो की समीक्षा के दौरान एसबीआई के खराब प्रदर्शन पर भी डीएम ने असंतोष व्यक्त किया। जिले में एसबीआई का सीडी रेशियो मात्र 21.73 प्रतिशत रहने और कृषि ऋण वितरण में कम योगदान को लेकर उन्होंने कहा कि जिले में जमा धन का उपयोग यहीं के विकास में होना चाहिए।

डीएम ने स्पष्ट किया कि स्वरोजगार योजनाओं के अंतर्गत आने वाले आवेदनों को बैंक लंबित न रखें और अस्वीकृति की स्थिति में स्पष्ट कारण बताना अनिवार्य होगा, ताकि आवेदक सुधार कर पुनः आवेदन कर सके।

बैठक में बताया गया कि जिले का औसत सीडी रेशियो 42.69 प्रतिशत दर्ज किया गया है, जबकि कई बड़े बैंक अब भी आरबीआई के मानक से पीछे हैं।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार