NEET-UG 2025 फर्जी दस्तावेज प्रकरण में SIT की कार्रवाई, कमीशन के बदले छात्रों को दाखिला दिलाने का आरोप
देहरादून। NEET-UG 2025 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिले के मामले में देहरादून पुलिस की गठित एसआईटी ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी धीरज कुमार श्रीवास्तव को मध्य प्रदेश से उसके वाहन समेत गिरफ्तार किया। तलाशी के दौरान वाहन से 5.58 लाख रुपये नकद बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने पूछताछ में उक्त रकम को फ्रीडम फाइटर कोटे से छात्रों को MBBS में दाखिला दिलाने के एवज में कमीशन के तौर पर मिलने की बात बताई है।
मामले में पुलिस इससे पहले 21 सितंबर को रूपेश पंडित और अरविंद कुमार को गिरफ्तार कर चुकी है। रूपेश पंडित की निशानदेही पर मेरठ स्थित उसके घर से फर्जी प्रमाण पत्र तैयार कराने के एवज में लिए गए आठ लाख रुपये भी बरामद किए गए थे।
पुलिस के मुताबिक, फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्रों के आधार पर अलग-अलग अभ्यर्थियों द्वारा MBBS में प्रवेश लेने का मामला सामने आया था। 13 सितंबर को थाना रायपुर और क्लेमेंटाउन में फर्जी दस्तावेजों के संबंध में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।
भोपाल में MBBS Way के नाम से चलाता था कार्यालय
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार धीरज कुमार श्रीवास्तव भोपाल में ‘MBBS Way’ के नाम से कार्यालय संचालित करता था। पुलिस के अनुसार, वह विभिन्न निजी विश्वविद्यालयों में MBBS, BTech, BCA, BBA और BCom सहित अन्य पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिले कराने का काम करता था।
पुलिस के मुताबिक, धीरज की मुलाकात करीब दो साल पहले रूपेश पंडित से उत्तरकाशी स्थित एक आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज में हुई थी। इसके बाद दोनों लगातार संपर्क में थे। अरविंद कुमार ने अपनी बेटी और दो अन्य परिचितों के बच्चों के MBBS में दाखिले के लिए रूपेश से संपर्क किया था। इसके बाद रूपेश ने धीरज से बात की।
जांच के अनुसार, कम मेरिट वाले छात्रों के दाखिले को लेकर धीरज ने अपने एक अन्य साथी से संपर्क किया। पुलिस का दावा है कि इसी दौरान उत्तराखंड में फ्रीडम फाइटर कोटे के तहत दाखिले की जानकारी सामने आई और तहसील-कचहरी में संपर्क होने की बात कही गई।
इसके बाद आरोपियों ने कथित तौर पर तीन अभ्यर्थियों के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार कराकर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाए। इन्हीं प्रमाण पत्रों के आधार पर तीनों अभ्यर्थियों ने अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में MBBS में प्रवेश लिया।
एसआईटी द्वारा मामले से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि प्रकरण से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार आरोपी: धीरज कुमार श्रीवास्तव, उम्र 37 वर्ष, निवासी पिपलानी, भोपाल, मध्य प्रदेश।
बरामदगी: धीरज से 5,58,100 रुपये नकद और पूर्व में रूपेश पंडित की निशानदेही पर आठ लाख रुपये नकद।
