देहरादून। जिला पंचायत सदस्य संगठन उत्तराखंड के प्रदेश अध्यक्ष भास्कर संबल, प्रदेश महामंत्री प्रवीन रावत ‘प्रिंस’, अजयबीर भंडारी, संरक्षक गोविंद सिंह पुंडीर सहित एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुलाकात कर पंचायत प्रतिनिधियों से जुड़ी विभिन्न मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।

प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के समक्ष जिला पंचायत सदस्यों के अधिकारों, सुविधाओं और विकास कार्यों को मजबूत करने संबंधी मांगें रखीं। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य बायला प्रवीन रावत ‘प्रिंस’ ने अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं एवं विकास कार्यों से जुड़ी मांगों का अलग से ज्ञापन भी मुख्यमंत्री को सौंपा।

संगठन की प्रमुख मांगें:

1. जिला योजना समिति (डीपीसी) के चुनाव शीघ्र कराए जाएं।

2. जिला पंचायत सदस्यों का मानदेय बढ़ाकर ₹30,000 प्रतिमाह किया जाए।

3. जिला पंचायतों में कोटेशन के माध्यम से कराए जाने वाले विकास कार्यों की सीमा ₹2.50 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख की जाए।

4. प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य के लिए विधायक निधि की तर्ज पर पृथक विकास निधि की व्यवस्था की जाए।

5. जिलों में आयोजित सभी प्रमुख बैठकों एवं जिला पंचायत सदस्यों के क्षेत्रों में होने वाली सरकारी तथा विकासात्मक बैठकों में संबंधित सदस्य की उपस्थिति अनिवार्य की जाए।

6. पंचायती प्रतिनिधियों के हितों के लिए उत्तराखंड पंचायती कल्याण कोष की स्थापना की जाए।

7. पंचायतों में आरक्षण व्यवस्था की समीक्षा अवधि 5 वर्ष के स्थान पर 10 वर्ष की जाए।

प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने से पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका अधिक प्रभावी होगी और ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए संबंधित विषयों पर सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार