विकासनगर। विकासनगर नगर पालिका क्षेत्र में करीब ₹535 करोड़ की सीवर एवं पेयजल योजना के निर्माण कार्यों में कथित अनियमितताओं की शिकायत पर जिलाधिकारी देहरादून ने सख्त रुख अपनाते हुए सात विभागों के अधिकारियों को जांच के निर्देश दिए हैं। शिकायत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, राजस्व संबंधी संभावित अनियमितताओं, नियम विरुद्ध वाहनों के संचालन, खनन सामग्री के कथित अवैध भंडारण एवं परिवहन तथा एक ही सड़क पर दो विभागों द्वारा कराए जा रहे निर्माण कार्यों जैसे गंभीर बिंदु उठाए गए थे।

प्रदेश कांग्रेस सचिव एवं विकासनगर के पूर्व सभासद शम्मी प्रकाश ने इस संबंध में जिलाधिकारी को शिकायत सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी कार्यालय के शिकायत अनुभाग ने 12 अगस्त 2026 को पत्र संख्या 169A/शिकायत अनुभाग/2025-26 जारी कर संबंधित अधिकारियों को शिकायत में उठाए गए बिंदुओं की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने तथा कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए हैं।

जांच के लिए उप जिलाधिकारी विकासनगर, कार्यक्रम निदेशक यूयूएसडीए देहरादून, जिला खान अधिकारी, मुख्य कृषि अधिकारी, एआरटीओ विकासनगर, अधिशासी अभियंता निर्माण खंड लोक निर्माण विभाग देहरादून और अधिशासी अधिकारी नगर पालिका परिषद विकासनगर को पत्र भेजा गया है।

शम्मी प्रकाश ने कहा कि इतनी बड़ी लागत वाली योजना में पारदर्शिता और निर्माण गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी धन की सुरक्षा, गुणवत्तापूर्ण निर्माण और जनता के हितों की रक्षा सुनिश्चित करना है।

उन्होंने मांग की कि यदि जांच में सरकारी धन के दुरुपयोग, घटिया निर्माण, अवैध खनन अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो जिम्मेदार अधिकारियों, ठेकेदारों और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी धन को हुई क्षति की भरपाई भी सुनिश्चित की जाए।

शम्मी प्रकाश ने जिलाधिकारी द्वारा शिकायत का संज्ञान लेकर सात विभागों को जांच सौंपे जाने को स्वागतयोग्य कदम बताया। उन्होंने उम्मीद जताई कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी होगी तथा जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई की जाएगी।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार