देहरादून: जन संघर्ष मोर्चा के प्रतिनिधिमंडल ने मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी के नेतृत्व में सिंचाई विभाग के प्रमुख अभियंता (एचओडी) सुभाष पांडे से मुलाकात कर प्रदेश के पर्वतीय जिलों उत्तरकाशी, टिहरी और अन्य क्षेत्रों में लिफ्ट सिंचाई योजनाओं के तहत कार्यरत पंप ऑपरेटरों के वेतन संबंधी शोषण का मुद्दा उठाया। प्रतिनिधिमंडल ने इस संबंध में प्रमुख अभियंता को ज्ञापन भी सौंपा।
रघुनाथ सिंह नेगी ने कहा कि नलकूप खंडों के माध्यम से ठेकेदारी प्रथा के तहत कार्यरत कई पंप ऑपरेटर पिछले 15 से 17 वर्षों से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन ईपीएफ और ईएसआई की कटौती के बाद उन्हें मात्र 5,700 रुपये प्रतिमाह मेहनताना मिल रहा है। उन्होंने कहा कि इन कर्मचारियों की 24 घंटे की ड्यूटी रहती है, इसके बावजूद उनका लंबे समय से आर्थिक शोषण किया जा रहा है।
नेगी ने सवाल उठाया कि सरकार, शासन और जनप्रतिनिधि इस गंभीर मुद्दे पर अब तक मौन क्यों हैं और संबंधित विभाग इस व्यवस्था की निगरानी क्यों नहीं कर रहा है। उन्होंने मांग की कि पंप ऑपरेटरों को सरकार और श्रम विभाग द्वारा निर्धारित मानकों के अनुरूप वेतन और अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
प्रमुख अभियंता सुभाष पांडे ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि पूरे प्रकरण का परीक्षण कर जल्द समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा।
प्रतिनिधिमंडल में हाजी असद, प्रवीण शर्मा पिन्नी और ब्लॉक अध्यक्ष भीम सिंह बिष्ट भी मौजूद रहे।
