रामपुर मंडी। वानिकी प्रशिक्षण केंद्र, रामपुर मंडी में प्रशिक्षण वर्ष 2026 (प्रथम सत्र) के बैच-111 का दीक्षांत समारोह गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर उत्तराखण्ड वन विभाग के 22 वन प्रभागों से आईं 42 महिला वन आरक्षियों ने सफलतापूर्वक प्रशिक्षण पूर्ण कर विभाग की मुख्यधारा में कदम रखा। प्रशिक्षण के दौरान अनुदेशक आनंद सिंह रावत की भूमिका विशेष रूप से सराही गई, जिन्होंने पूरे प्रशिक्षण काल में अनुशासन, व्यवहारिक ज्ञान, शारीरिक दक्षता और टीम भावना विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया।
समारोह के मुख्य अतिथि मुख्य वन संरक्षक, गढ़वाल धीरज पाण्डे तथा विशिष्ट अतिथि वन संरक्षक, यमुना वृत्त राजीव धीमान रहे। इस अवसर पर प्रभागीय वनाधिकारी, चकराता वन प्रभाग वैभव कुमार सिंह, उप प्रभागीय वनाधिकारी श्रीमती विभु सहित विभाग के अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
अपने संबोधन में मुख्य अतिथि धीरज पाण्डे ने कहा कि नवप्रशिक्षित महिला वन आरक्षियां वन एवं वन्यजीव संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और जनसहभागिता आधारित वन प्रबंधन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। उन्होंने सभी प्रशिक्षुओं से ईमानदारी, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
वन संरक्षक राजीव धीमान ने प्रशिक्षण के दौरान अर्जित ज्ञान और आधुनिक तकनीकों का क्षेत्रीय कार्यों में प्रभावी उपयोग करने की बात कही।
अनुदेशक आनंद सिंह रावत ने प्रशिक्षण अवधि के अनुभव साझा करते हुए कहा कि इन 42 महिला वन आरक्षियों ने कठिन परिस्थितियों में भी अनुशासन, समर्पण और सीखने की अद्भुत लगन का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण केवल शारीरिक दक्षता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क, आपसी समन्वय, वन संरक्षण की संवेदनशीलता और व्यवहारिक कार्यशैली विकसित करने पर भी विशेष बल दिया गया।
समापन समारोह के दौरान कई महिला वन आरक्षियां भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण केंद्र उनके लिए केवल एक संस्थान नहीं, बल्कि एक परिवार बन गया था। प्रशिक्षुओं ने अनुदेशक आनंद सिंह रावत सहित समस्त प्रशिक्षण स्टाफ का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यहां मिले मार्गदर्शन, अनुशासन और प्रेरणा को वे अपने पूरे सेवा जीवन में याद रखेंगी तथा वन संरक्षण के दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन करेंगी।
कार्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया तथा प्रशिक्षण अवधि की उपलब्धियों का विवरण प्रस्तुत किया गया। अंत में सभी नवप्रशिक्षित महिला वन आरक्षियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाओं के साथ दीक्षांत समारोह का समापन हुआ
