11 अगस्त की समीक्षा के मुकाबले लंबित घोषणाओं की संख्या 627 से घटकर 303 हुई

देहरादून, 29 सितंबर। मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध पूरा करने को लेकर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। मंगलवार को सचिवालय में मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए उन्होंने लंबे समय से लंबित घोषणाओं का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करने और विभागों के बीच समन्वय की कमी दूर करने को कहा।

बैठक में बताया गया कि प्रदेश में कुल 4611 मुख्यमंत्री घोषणाओं में से 2852 पूरी हो चुकी हैं, जबकि 1759 घोषणाएं लंबित हैं। इनमें 1397 घोषणाओं पर विभिन्न स्तरों पर कार्रवाई चल रही है और 59 घोषणाएं आंशिक रूप से पूरी हो चुकी हैं। वहीं 303 घोषणाएं अभी भी लंबित हैं। 447 घोषणाओं का विलोपन अथवा मर्ज किया जा चुका है।

खास बात यह रही कि 11 अगस्त 2026 को हुई पिछली समीक्षा में लंबित घोषणाओं की संख्या 627 थी, जो अब घटकर 303 रह गई है। मुख्य सचिव ने अधिकारियों को शेष घोषणाओं में भी तेजी लाने के निर्देश दिए।

यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की बनेगी योजना

मुख्य सचिव ने सम्पूर्ण यमुनोत्री ट्रैक रूट के सुधारीकरण की कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अगले 15 दिनों में इसका विस्तृत प्रस्तुतिकरण तैयार करने को कहा। साथ ही ट्रैक रूट के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाओं की संभावनाओं पर भी काम करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि ईको पार्क जैसी परिसंपत्तियों के निर्माण के साथ ही उनके संचालन और रखरखाव की व्यवस्था पहले से तय होनी चाहिए, ताकि सरकारी धन से तैयार परिसंपत्तियों का बेहतर उपयोग हो सके।

विभागों में समन्वय पर जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि भूमि हस्तांतरण समेत अन्य प्रक्रियाओं के कारण योजनाओं में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। विभिन्न विभाग आपसी समन्वय से लंबित घोषणाओं को पूरा करें और जहां संभव हो, कार्यों को समानांतर रूप से शुरू किया जाए।

उन्होंने मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति पोर्टल पर लगातार अपडेट करने तथा सचिव और अपर सचिव स्तर के अधिकारियों को इसकी गंभीरता से मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। अगली समीक्षा बैठक अक्टूबर के मध्य में आयोजित की जाएगी।

पौड़ी, कोल्ड स्टोरेज और शहरों के ओपन स्पेस पर भी निर्देश

मुख्य सचिव ने पौड़ी शहर में मुख्य बाजार धारा रोड से एजेंसी चौक तक प्रस्तावित हेरिटेज स्ट्रीट के कार्य को आवास विभाग से पर्यटन विभाग को हस्तांतरित करने और मल्टीस्टोरी पार्किंग से जुड़े प्रस्तावों पर शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए।

उन्होंने कोल्ड स्टोरेज के लिए भूमि चयन में विशेष सावधानी बरतने को कहा। अनुपयुक्त सरकारी भूमि पर निर्माण के बजाय आवश्यकता के अनुरूप उपयुक्त भूमि खरीदने पर विचार करने के निर्देश दिए। इसके अलावा प्रदेश के सभी शहरों में ओपन स्पेस, सिटी पार्क और ईको पार्क विकसित करने की संभावनाओं पर भी काम करने को कहा।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार