छह माह तक फाइल लटकाने पर सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि, समय पर काम न करने वाली एजेंसियों पर लगेगा भारी जुर्माना

देहरादून । जनपद में विकास कार्यों को गति देने और आम जनता की सुविधाओं को प्रभावित होने से बचाने के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने सख्त रुख अपनाया है। सोमवार को आयोजित जनपद स्तरीय परियोजना समन्वय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों एवं एजेंसियों के भूमिगत कार्यों की समीक्षा करते हुए डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

बैठक में पेयजल निगम, जल संस्थान, विद्युत विभाग, गेल, वोडाफोन, टाटा कम्युनिकेशन, केएफडब्ल्यू, पीएसयू समेत 14 विभागों और एजेंसियों के प्रस्तावों पर विचार किया गया। उच्च प्राथमिकता वाले कुछ कार्यों को रात्रि 10 बजे से सुबह 5 बजे तक सशर्त अनुमति प्रदान की गई।

डीएम ने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में कार्य होना है, वहां पूर्व सूचना के साथ पर्याप्त मशीनरी और मानव संसाधन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा किया जाए। मानसून को देखते हुए जिन सड़कों का सुधारीकरण हो चुका है, वहां किसी भी प्रकार की खुदाई या रोड कटिंग की अनुमति नहीं दी जाएगी।

दो दिन का काम छह माह तक अटका, डीएम नाराज

बैठक के दौरान ईसी रोड स्थित होटल रिजेंट के पास सीवर चैंबर निर्माण एवं ट्रंक लाइन इंटरकनेक्शन के दो से तीन दिन के कार्य को दिसंबर 2025 से लंबित रखने का मामला सामने आया। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित पीआईयू स्मार्ट सिटी के सहायक अभियंता को प्रतिकूल प्रविष्टि जारी करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में अनावश्यक देरी और प्रशासनिक लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी।

समन्वय के लिए बनेगा व्हाट्सएप ग्रुप

डीएम ने विभिन्न विभागों और निर्माण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के लिए सभी सक्षम अधिकारियों का एक आधिकारिक व्हाट्सएप समूह बनाने के निर्देश दिए। इसका उद्देश्य नियमित मॉनिटरिंग, त्वरित संवाद और विभागों के बीच कम्युनिकेशन गैप को समाप्त करना है।

समय पर कार्य पूरा नहीं किया तो होगी कार्रवाई

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि अनुमति मिलने के बावजूद समय पर कार्य पूरा नहीं करने वाली एजेंसियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा। साथ ही उनकी आरसी काटने के साथ भारी आर्थिक दंड भी लगाया जाएगा।

उन्होंने निर्देश दिए कि यदि किसी निर्माण कार्य के दौरान किसी अन्य विभाग की परिसंपत्ति को नुकसान पहुंचता है तो संबंधित एजेंसी उसे तत्काल ठीक कराएगी।

मानकों से समझौता नहीं

डीएम ने स्पष्ट कहा कि अनुमति से अधिक रोड कटिंग, अधूरी खुदाई छोड़ने या सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ जब्ती और मुकदमा दर्ज करने जैसी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रात्रि में की गई खुदाई को सुबह तक भरना अनिवार्य होगा तथा कार्यस्थलों पर बैरिकेडिंग, चेतावनी संकेतक और साइनबोर्ड लगाए जाने होंगे।

बैठक में विभिन्न विभागों और एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार