देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट के हालिया बयान पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि भाजपा को उत्तराखंड के विकास, बेरोजगारी, पलायन, भू-कानून और जनहित के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, न कि उक्रांद को निशाना बनाने में अपनी ऊर्जा खर्च करनी चाहिए।

कुकरेती ने कहा कि भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा उक्रांद कार्यकर्ताओं को चुनौती देना और यह कहना कि भाजपा चाहे तो उक्रांद के एक-एक कार्यकर्ता का घेराव कर सकती है तथा उन्हें क्षेत्र में घुसने नहीं देगी, लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की भाषा किसी जिम्मेदार राजनीतिक दल के प्रदेश अध्यक्ष को शोभा नहीं देती।

उक्रांद अध्यक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि जिस उत्तराखंड राज्य में आज भाजपा सत्ता में है, उसका गठन उत्तराखंड क्रांति दल और राज्य आंदोलनकारियों के लंबे संघर्ष, त्याग और बलिदान का परिणाम है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड राज्य 42 शहीदों के बलिदान के बाद अस्तित्व में आया और राज्य आंदोलन के दौरान उक्रांद तथा स्थानीय जनता ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।

सुरेंद्र कुकरेती ने आरोप लगाया कि उस समय न तो भाजपा और न ही अन्य बड़े राजनीतिक दलों की कोई विशेष भूमिका राज्य आंदोलन में दिखाई दी थी। उन्होंने कहा कि भाजपा को उत्तराखंड आंदोलन के इतिहास को भूलना नहीं चाहिए और आंदोलनकारियों के योगदान का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि महेंद्र भट्ट को यह नहीं भूलना चाहिए कि वह एक राष्ट्रीय दल के प्रदेश अध्यक्ष हैं और उन्हें अपने पद की गरिमा के अनुरूप बयान देने चाहिए। कुकरेती ने कहा कि इस प्रकार की भाषा और राजनीतिक चुनौती यह दर्शाती है कि भाजपा नेतृत्व विपक्षी विचारों को स्वीकार करने के बजाय टकराव की राजनीति को बढ़ावा दे रहा है।

उक्रांद अध्यक्ष ने कहा कि लोकतंत्र में वैचारिक मतभेद स्वाभाविक हैं, लेकिन राजनीतिक विरोधियों के प्रति असहिष्णुता और धमकी भरे बयान स्वस्थ लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं हैं। उन्होंने भाजपा से आग्रह किया कि वह राज्य के ज्वलंत मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करे और उत्तराखंड के विकास के लिए सकारात्मक राजनीति करे।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार