देहरादून। मसूरी रोड पर बार-बार होने वाले भूस्खलन और मलबा आने की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बुधवार को स्वयं संवेदनशील क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। डीएम ने सड़क, पहाड़ी ढलानों और ड्रेनेज व्यवस्था की मौके पर स्थिति परखी और अधिकारियों को वैज्ञानिक एवं दीर्घकालिक समाधान के लिए विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने पानीवाला बैंड, ग्लोगी समेत अन्य संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण करते हुए लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सड़क की स्थिति, पहाड़ी ढलानों की मजबूती और जल निकासी व्यवस्था का तकनीकी परीक्षण कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि चिन्हित संवेदनशील क्षेत्रों के स्थायी समाधान के लिए तैयार होने वाली डीपीआर में भूगर्भीय और तकनीकी परिस्थितियों का गहन अध्ययन किया जाए। इसमें सड़क सुरक्षा, ढलान स्थिरीकरण, मिट्टी के ठहराव, जल निकासी, रिटेनिंग वॉल और अन्य प्रोटेक्शन कार्यों को शामिल किया जाए, ताकि भविष्य में वर्षाकाल के दौरान सड़क बंद होने की घटनाओं को न्यूनतम किया जा सके।
डीएम ने लोक निर्माण विभाग और राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए। साथ ही वर्षाकाल के दौरान मसूरी रोड पर 24 घंटे निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि भूस्खलन या मलबा आने से मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल प्राथमिकता के आधार पर सड़क खोलने की कार्रवाई की जाए।
इसके लिए जेसीबी, पोकलैंड, डंपर और अन्य आवश्यक मशीनरी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिलाधिकारी ने सड़क किनारे नालियों, पुलियों और भूमिगत जल निकासी व्यवस्था की नियमित सफाई पर विशेष जोर देते हुए कहा कि बारिश के पानी का उचित निकास बेहद जरूरी है, ताकि सड़क और पहाड़ी ढलानों को नुकसान से बचाया जा सके। साथ ही संभावित भूस्खलन क्षेत्रों में चेतावनी संकेतक और सुरक्षा इंतजाम दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
डीएम ने जिला आपदा कंट्रोल रूम के साथ ही तहसील और ब्लॉक स्तरीय कंट्रोल रूम को भी 24 घंटे सक्रिय और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की टीमों को अपने क्षेत्रों में नियमित भ्रमण कर बारिश और भूस्खलन से संभावित नुकसान का आकलन करने तथा सूचना मिलते ही तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आमजन से अपील की कि भारी बारिश और प्रतिकूल मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें तथा भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, नदी-नालों और बरसाती गधेरों के किनारे जाने से बचें।
निरीक्षण के दौरान संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल आनंद सहित लोक निर्माण विभाग और राजस्व विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार