देहरादून। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) के बढ़ते जनाधार और प्रदेशभर में तेजी से चल रहे सदस्यता अभियान के बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की सोशल मीडिया पोस्ट ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। यूकेडी नेताओं और कार्यकर्ताओं का मानना है कि यह टिप्पणी प्रदेश में क्षेत्रीय राजनीति के मजबूत होते प्रभाव और यूकेडी के प्रति बढ़ते जनसमर्थन से भाजपा की बढ़ती चिंता को दर्शाती है।

महेंद्र भट्ट ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा है कि उन्हें यह देखना है कि उत्तराखंड क्रांति दल कितनी विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ता है अथवा किसी अन्य दल के साथ समझौता करता है। साथ ही उन्होंने यूकेडी के इतिहास को लेकर भी टिप्पणी की है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि किसी क्षेत्रीय दल पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की सीधी प्रतिक्रिया यह संकेत देती है कि यूकेडी की सक्रियता अब बड़े दलों के लिए भी चर्चा का विषय बन चुकी है।

यूकेडी नेताओं का कहना है कि उत्तराखंड आंदोलन की कोख से जन्मे इस दल ने हमेशा राज्यहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया है। चाहे मजबूत भू-कानून की मांग हो, मूल निवास का प्रश्न हो, बेरोजगार युवाओं के अधिकारों की लड़ाई हो या फिर पलायन जैसे गंभीर विषय, यूकेडी लगातार जनता की आवाज बनकर संघर्ष करता रहा है।

दल के पदाधिकारियों का कहना है कि पिछले कुछ महीनों में प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे सदस्यता अभियान को व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों से लेकर नगरों तक बड़ी संख्या में युवा, महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता यूकेडी से जुड़ रहे हैं। यही कारण है कि अब राष्ट्रीय दल भी यूकेडी की गतिविधियों पर नजर रखने को मजबूर हो गए हैं।

यूकेडी का मानना है कि राज्य गठन के बाद लंबे समय तक सत्ता में रही राष्ट्रीय पार्टियां उत्तराखंड की मूल समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं कर सकीं। रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, पलायन और स्थानीय संसाधनों पर अधिकार जैसे मुद्दे आज भी जनता के सामने चुनौती बने हुए हैं। ऐसे में प्रदेश की जनता एक मजबूत क्षेत्रीय विकल्प की आवश्यकता महसूस कर रही है।

यूकेडी नेताओं ने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से की गई टिप्पणियां उनके संघर्ष को कमजोर नहीं कर सकतीं। बल्कि ऐसे बयान यह साबित करते हैं कि यूकेडी की आवाज अब प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंच रही है और उसका राजनीतिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की जनता राज्य आंदोलन के मूल उद्देश्यों को याद रखती है और आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति में क्षेत्रीय दल की भूमिका पहले से अधिक मजबूत होकर उभरेगी। यूकेडी कार्यकर्ता जनहित के मुद्दों को लेकर पहले की तरह जनता के बीच सक्रिय रहेंगे और उत्तराखंड के स्वाभिमान, पहचान तथा अधिकारों की लड़ाई को मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार