देहरादून। साइबर ठगी के मामलों में उत्तराखंड एसटीएफ की त्वरित कार्रवाई लगातार जारी है। वर्ष 2026 में अब तक साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से कार्रवाई करते हुए साइबर अपराध पीड़ितों की 21.85 करोड़ रुपये की धनराशि बचाई जा चुकी है। शिकायत मिलते ही संबंधित बैंक खातों में रकम को होल्ड/फ्रीज कराने की कार्रवाई की जा रही है।
अगस्त माह में भी एसटीएफ ने कई मामलों में त्वरित कार्रवाई कर लाखों रुपये बचाए। इनमें डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी का शिकार हुए देहरादून के एक व्यक्ति की शिकायत पर 16.36 लाख रुपये होल्ड कराए गए। इसी तरह स्टॉक मार्केट इन्वेस्टमेंट फ्रॉड में अल्मोड़ा निवासी पीड़ित की 15.96 लाख रुपये की धनराशि होल्ड कराई गई।
एसटीएफ के अनुसार अगस्त में अब तक दर्ज मामलों में चमोली, हरिद्वार, नैनीताल, देहरादून, पौड़ी और अल्मोड़ा के पीड़ित शामिल हैं। ऑनलाइन फ्रॉड की शिकायतों पर टीम ने संबंधित नोडल अधिकारियों और आई4सी के माध्यम से कार्रवाई करते हुए ठगी की रकम को होल्ड कराया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि बैंक खाता, एटीएम कार्ड, ओटीपी, पिन या यूपीआई पिन किसी के साथ साझा न करें। बैंक खाता किराये या कमीशन पर देना अपराध है। पुलिस, सीबीआई या ईडी के नाम पर डिजिटल अरेस्ट की धमकी मिलने पर घबराएं नहीं, क्योंकि कोई भी जांच एजेंसी ऑनलाइन गिरफ्तार नहीं करती।
एसटीएफ ने लोगों से फर्जी निवेश योजनाओं, अधिक लाभ के लालच, फर्जी वेबसाइट और अज्ञात कस्टमर केयर नंबरों से सावधान रहने की अपील की है। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
