रमेश चंद पर 18.92 लाख रुपये का अर्थदंड, 18.82 लाख रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में देने के आदेश

विकासनगर। चेक बाउंस के मामले में न्यायालय न्यायिक मजिस्ट्रेट, विकासनगर ने आरोपी रमेश चंद निवासी बादामावाला, विकासनगर को दोषी करार देते हुए एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अभियुक्त पर 18 लाख 92 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।

मामले में परिवादी मोहम्मद अशरफ निवासी रामपुर कला, सहसपुर की ओर से अधिवक्ता हिमांशु पुंडीर और अधिवक्ता अमन गर्ग ने प्रभावी पैरवी की। दोनों अधिवक्ताओं ने न्यायालय के समक्ष मामले से संबंधित तथ्यों और साक्ष्यों को मजबूती से प्रस्तुत किया।

मामले के अनुसार अभियुक्त रमेश चंद ने मकान निर्माण के लिए मोहम्मद अशरफ से 18 लाख 82 हजार रुपये लिए थे। इसके एवज में अभियुक्त ने परिवादी के पक्ष में चेक जारी किए। बैंक में प्रस्तुत किए जाने पर चेक का भुगतान नहीं हो सका। इसके बाद परिवादी की ओर से न्यायालय की शरण ली गई और मामला धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) के तहत विचाराधीन रहा।

मामले की सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए अभियुक्त रमेश चंद को धारा 138 एनआई एक्ट के तहत दोषी माना। न्यायालय ने उसे एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाने के साथ ही 18 लाख 92 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 18 लाख 82 हजार रुपये परिवादी मोहम्मद अशरफ को प्रतिकर के रूप में अदा करने के आदेश दिए हैं। शेष 10 हजार रुपये राजकोष में जमा किए जाएंगे। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।

इस मामले में अधिवक्ता हिमांशु पुंडीर और अधिवक्ता अमन गर्ग की पैरवी को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। न्यायालय के फैसले से परिवादी को बड़ी राहत मिली है।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार