देहरादून, 05 जुलाई। उत्तराखण्ड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस सिंडिकेट के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत एक और बड़ी सफलता हासिल करते हुए काशीपुर से एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई के साथ ही अब तक इस मामले में कुल 13 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
एसटीएफ के अनुसार, जांच के दौरान एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। एक ही फर्जी शस्त्र लाइसेंस नम्बर पर दो अलग-अलग कूटरचित लाइसेंस तैयार किए गए, जिनका इस्तेमाल कर दो हथियार खरीदे गए थे। मामले की गंभीरता और व्यापकता को देखते हुए इसे राष्ट्रीय स्तर की जांच का विषय माना जा रहा है।
मा० मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के निर्देश पर अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ राज्यभर में अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में एसटीएफ ने काशीपुर में सटीक एवं प्रभावी दबिश देकर ग्राम कचनालगाजी, थाना काशीपुर, जनपद ऊधमसिंहनगर निवासी 46 वर्षीय पलविन्दर सिंह पुत्र स्वर्गीय धर्मसिंह को गिरफ्तार किया।
अभियुक्त के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.30 बोर), चार जिंदा कारतूस (.30 बोर), एक राइफल (.315 बोर) तथा चार जिंदा कारतूस (.315 बोर) बरामद किए गए। इसके अलावा फर्जी शस्त्र लाइसेंस भी बरामद हुआ है।
एसटीएफ ने बताया कि ‘ऑपरेशन प्रहार’ के तहत अब तक 19 अवैध शस्त्र, 358 कारतूस तथा बड़ी संख्या में फर्जी एवं संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस बरामद किए जा चुके हैं।
एसटीएफ ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि वे स्वयं अपने शस्त्र और लाइसेंस के साथ आत्मसमर्पण करें, अन्यथा कानून का शिकंजा उनके दरवाजे तक पहुंचेगा।
