विकासनगर। शहर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष शम्मी प्रकाश ने आज अपने निजी कार्यालय (निकट नगर पालिका कार्यालय, सैयद रोड, विकासनगर) में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान (EMS) कंपनी द्वारा संचालित सीवर एवं पेयजल परियोजना के निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, कथित अवैध खनन, राजस्व हानि तथा अन्य गंभीर अनियमितताओं को लेकर कई महत्वपूर्ण खुलासे किए।
शम्मी प्रकाश ने आरोप लगाया कि कंपनी द्वारा लंबे समय से शहरवासियों का शोषण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं उनके सहयोगी पिछले डेढ़ वर्ष से लगातार कंपनी की कार्यप्रणाली के विरुद्ध आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को उठाने के बजाय कंपनी के पक्ष में खड़े दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह स्थिति कई गंभीर सवाल खड़े करती है।
उन्होंने बताया कि सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 के अंतर्गत मांगी गई सूचनाएं लगभग तीन से चार माह तक लगातार प्रयास एवं प्रथम अपील के बाद प्राप्त हुईं। प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले लगभग डेढ़ वर्ष से कंपनी द्वारा खनन सामग्री का अवैध भंडारण एवं परिवहन किया जा रहा है, जबकि इसके लिए आवश्यक वैधानिक अनुमति एवं अभिलेख उपलब्ध नहीं हैं। इसके बावजूद तहसील प्रशासन, खनन विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों द्वारा आज तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई, जिससे करोड़ों रुपये के राजस्व की हानि राज्य सरकार को होने का आरोप उन्होंने लगाया।
शम्मी प्रकाश ने बताया कि सूचना के अधिकार के तहत कंपनी ने 23 ट्रैक्टरों के पंजीकरण नंबर उपलब्ध कराए, लेकिन जब उन वाहनों के दस्तावेज मांगे गए तो केवल 7 ट्रैक्टरों के ही अभिलेख उपलब्ध कराए जा सके। उनका आरोप है कि अधिकांश वाहन कृषि कार्य हेतु पंजीकृत हैं, जबकि उनका उपयोग व्यावसायिक रूप से खनन सामग्री के परिवहन में किया गया, जो पूरे मामले को और अधिक संदिग्ध बनाता है।
उन्होंने एक अन्य महत्वपूर्ण तथ्य का उल्लेख करते हुए कहा कि हरिपुर से जीवनगढ़ तक कैनाल बाईपास मार्ग का लगभग ₹10 करोड़ की लागत से लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा निर्माण कराया गया। वहीं सूचना के अधिकार में एम्स कंपनी ने स्वीकार किया कि इसी मार्ग पर लगभग 3.74 मीटर (लगभग 12.3 फीट) चौड़ाई में कार्य उनकी एजेंसी द्वारा भी किया गया। उन्होंने प्रश्न उठाया कि एक ही सड़क पर दो अलग-अलग विभागों द्वारा निर्माण कार्य कैसे किया गया तथा इसकी प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति किस आधार पर प्रदान की गई।
उन्होंने बताया कि इन सभी तथ्यों के आधार पर पांच बिंदुओं वाला विस्तृत शिकायत-पत्र जिलाधिकारी, देहरादून को सौंपा गया है। ज्ञापन में परियोजना की निर्माण गुणवत्ता, कथित अवैध खनन, राजस्व हानि, वाहन संचालन एवं संबंधित अधिकारियों की भूमिका की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।
शम्मी प्रकाश ने कहा कि जिला प्रशासन की ओर से उचित जांच एवं आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आगामी 15 दिनों के भीतर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जाती है तो कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर कंपनी तथा शासन-प्रशासन के विरुद्ध जन आंदोलन शुरू किया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर अवैध खनन, राजस्व चोरी एवं सार्वजनिक धन के दुरुपयोग के मुद्दे को लेकर माननीय उच्च न्यायालय की शरण भी ली जाएगी।
उन्होंने मांग की कि प्रदेश सरकार को हुई कथित करोड़ों रुपये की राजस्व हानि की वसूली संबंधित कंपनी से की जाए तथा यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की भूमिका संरक्षण देने में पाई जाती है तो उनके विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
प्रेस वार्ता में नगर पालिका सभासद भारत कालरा, पूर्व सभासद राजेंद्र बिंजोला तथा जिला कांग्रेस के महासचिव राजीव शर्मा भी उपस्थित रहे।
