शिखर विजय उत्तराखंड के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित
उत्तराखंड । भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी एवं प्रख्यात पर्वतारोही कर्नल रजनीश जोशी ने 14 अगस्त 2026 को 5,642 मीटर ऊंचे माउंट एल्ब्रुस, यूरोप की सर्वोच्च पर्वत चोटी, का सफलतापूर्वक आरोहण कर देश और उत्तराखंड का गौरव बढ़ाया।
कर्नल रजनीश जोशी ने अपनी इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को उत्तराखंड राज्य के 25 गौरवशाली वर्षों को समर्पित किया। उन्होंने कहा, “यह शिखर विजय देवभूमि उत्तराखंड की वीरता, साहस, संघर्षशीलता और हिमालय के प्रति अटूट प्रेम को समर्पित है। उत्तराखंड ने देश को अनेक महान सैनिक और पर्वतारोही दिए हैं। यह शिखर उसी गौरवशाली परंपरा को मेरा नमन है।”
माउंट एल्ब्रुस की विजय कर्नल रजनीश जोशी की लंबी और प्रेरणादायी पर्वतारोहण यात्रा में एक और महत्वपूर्ण अध्याय है। वे 2025 में माउंट एवरेस्ट का सफल आरोहण कर चुके हैं और अब तक भारत एवं विश्व की 45 से अधिक पर्वत चोटियों पर सफलतापूर्वक आरोहण कर चुके हैं। उनकी प्रमुख उपलब्धियों में माउंट नून, माउंट कुन, अबी गामिन, डोमेखांग और अफ्रीका की सर्वोच्च चोटी माउंट किलिमंजारो सहित अनेक कठिन हिमालयी एवं अंतरराष्ट्रीय चोटियां शामिल हैं।
गढ़वाल राइफल्स से जुड़े भारतीय सेना के अनुभवी अधिकारी कर्नल रजनीश जोशी वर्तमान में प्रधानाचार्य, हिमालयन माउंटेनियरिंग इंस्टीट्यूट (HMI), दार्जिलिंग के पद पर कार्यरत हैं। सैन्य नेतृत्व और पर्वतारोहण के अनुभव का समन्वय करते हुए उन्होंने युवाओं में साहस, अनुशासन, नेतृत्व और साहसिक गतिविधियों के प्रति उत्साह पैदा करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
पर्वतारोहण के क्षेत्र में उनके योगदान और उपलब्धियों को World Book of Records, Asia Book of Records और India Book of Records जैसे प्रतिष्ठित मंचों पर भी मान्यता प्राप्त हुई है।
माउंट एवरेस्ट से माउंट एल्ब्रुस तक और 45 से अधिक चोटियों की यह यात्रा केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों की कहानी नहीं है, बल्कि यह संकल्प, साहस और निरंतर प्रयास की प्रेरक गाथा है, जो आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने के लिए प्रेरित करती है।
