विकासनगर। जमनीपुर, हरबर्टपुर निवासी दीपक लखेड़ा ने संघर्ष, जिम्मेदारियों और दृढ़ इच्छाशक्ति के दम पर सफलता की ऐसी मिसाल कायम की है, जो युवाओं के लिए प्रेरणादायक है। स्वर्गीय ओम प्रकाश लखेड़ा के बड़े बेटे दीपक ने मात्र 17.5 वर्ष की उम्र में भारतीय नौसेना में करियर शुरू किया और अब उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण कर उप-शिक्षा अधिकारी के पद पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
वर्ष 2004 में 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद दीपक का चयन भारतीय नौसेना में आर्टिफिसर अप्रेंटिस के पद पर हुआ। वर्ष 2006 में प्रशिक्षण पूरा करने के तुरंत बाद उनके पिता का निधन हो गया। परिवार के बड़े बेटे होने के कारण घर की जिम्मेदारियां उनके कंधों पर आ गईं। बड़ी बहन की शादी और छोटे भाई की पढ़ाई सहित परिवार की अन्य जिम्मेदारियों को निभाते हुए उन्होंने नौसेना की नौकरी जारी रखी और साथ-साथ अपनी पढ़ाई भी आगे बढ़ाई।
वर्ष 2013 में नौसेना में सेवा के दौरान उन्होंने एसएसबी परीक्षा उत्तीर्ण की और आर्मी कैडेट कॉलेज (ACC) के माध्यम से भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में सैन्य अधिकारी के प्रशिक्षण के लिए चयनित हुए। प्रशिक्षण के दौरान एक बॉक्सिंग मुकाबले में उनके सिर में गंभीर चोट लगी और वे करीब एक सप्ताह तक कोमा में रहे। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
वर्ष 2017 में आईएमए में चार वर्ष का प्रशिक्षण पूरा करने के बाद चोट के कारण उन्हें दोबारा भारतीय नौसेना में लौटना पड़ा। इसके बाद वर्ष 2022 में उन्होंने नौसेना से समयपूर्व सेवानिवृत्ति लेकर सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी शुरू की।
लगातार मेहनत और लक्ष्य के प्रति समर्पण का परिणाम जून 2026 में सामने आया, जब दीपक लखेड़ा ने उत्तराखंड पीसीएस परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्तमान में वह उप-शिक्षा अधिकारी के पद के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
दीपक लखेड़ा की कहानी यह बताती है कि पारिवारिक जिम्मेदारियों, शारीरिक चुनौतियों और करियर में आए उतार-चढ़ाव के बावजूद यदि लक्ष्य के प्रति दृढ़ संकल्प हो तो सफलता का रास्ता निकाला जा सकता है।
