उक्रांद ने एसडीएम विकासनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, पारदर्शी समीक्षा की उठाई मांग

विकासनगर, 21 सितंबर। उत्तराखंड की सरकारी भूमि को UIIDB के माध्यम से नीलामी अथवा व्यावसायिक उपयोग में दिए जाने के प्रस्ताव के विरोध में उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) ने मोर्चा खोल दिया है। सोमवार को उक्रांद जिला पछवादून अध्यक्ष जितेंद्र पंवार की अध्यक्षता में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उपजिलाधिकारी विकासनगर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर UIIDB को भंग करने और सरकारी भूमि की प्रस्तावित अथवा चल रही नीलामी पर तत्काल रोक लगाने की मांग की।

उक्रांद ने ज्ञापन के माध्यम से भूमि से संबंधित सभी निर्णयों की पारदर्शी समीक्षा करने तथा सरकारी भूमि की नीलामी, हस्तांतरण और प्रस्तावित व्यावसायिक उपयोग से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग की।

उक्रांद के केंद्रीय सह मीडिया प्रभारी प्रकाश भट्ट ने कहा कि उत्तराखंड की जल, जंगल और जमीन केवल सरकारी संपत्ति नहीं, बल्कि प्रदेश की जनता की सार्वजनिक धरोहर है। सरकारी भूमि को निजी अथवा व्यावसायिक हितों के लिए उपयोग में देने से पहले सरकार को पूरी प्रक्रिया, भूमि का विवरण और उसके उद्देश्य को सार्वजनिक करना चाहिए।

उक्रांद नेता अनिल पंवार ने कहा कि सरकारी भूमि से जुड़े किसी भी निर्णय में स्थानीय जनता के हितों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए। सरकार को भूमि की नीलामी, हस्तांतरण और प्रस्तावित व्यावसायिक उपयोग से संबंधित सभी तथ्यों को सार्वजनिक कर पारदर्शिता सुनिश्चित करनी चाहिए।

भूपेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि उत्तराखंड की सीमित भूमि और प्राकृतिक संसाधन आने वाली पीढ़ियों की अमानत हैं। सरकारी भूमि के व्यावसायिक उपयोग से पहले उसके सामाजिक, पर्यावरणीय और जनहित से जुड़े प्रभावों का समुचित मूल्यांकन किया जाना जरूरी है।

ज्ञापन देने वालों में जिला अध्यक्ष जितेंद्र पंवार, कार्यकारी अध्यक्ष अतुल बेंजवाल, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष विपिन अन्थवाल, जिला सचिव सुमित राणा, बीना पंवार, सीमा कुकरेती, विनीता चौहान, राजेश्वर देवी, ऋतु ठाकुर, सुरेंद्र सिंह बिष्ट सहित उक्रांद के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल रहे।

उक्रांद ने चेतावनी दी कि उत्तराखंड की भूमि और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े जनहित के सवालों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। पार्टी ने कहा कि यदि सरकार ने इस विषय पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो उक्रांद जनहित में चरणबद्ध लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार