एसएसपी देहरादून के नेतृत्व में राजपुर पुलिस की बड़ी सफलता, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड से चार आरोपी गिरफ्तार, मुजफ्फरनगर से नाबालिग सकुशल बरामद


देहरादून, 3 अगस्त। देहरादून पुलिस ने नाबालिग युवती के कथित अपहरण के मामले का सनसनीखेज खुलासा करते हुए बताया कि इस पूरे प्रकरण की मुख्य साजिशकर्ता स्वयं पीड़िता की मां निकली। पुलिस जांच में सामने आया कि आर्थिक तंगी के चलते मां ने अपनी 15 वर्षीय बेटी का डेढ़ लाख रुपये में सौदा कर दिया था। पूरी रकम नहीं मिलने और पकड़े जाने के डर से उसने बेटी के अपहरण की झूठी कहानी गढ़कर थाना राजपुर में मुकदमा दर्ज कराया।
एसएसपी देहरादून के निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने मोबाइल सर्विलांस, सीसीटीवी फुटेज और मैनुअल पुलिसिंग के आधार पर जांच करते हुए मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) से नाबालिग को सकुशल बरामद किया। मामले में उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी महिला की पहचान पिंकी मलिक से हुई थी, जिसने एक युवती की व्यवस्था करने के बदले अच्छी रकम देने का प्रस्ताव रखा। इसके बाद नाबालिग का सौदा डेढ़ लाख रुपये में तय हुआ। पिंकी मलिक ने युवती को लवी कुमार को और लवी कुमार ने उसे दो लाख रुपये में मनीष को बेच दिया, जिसने विवाह के उद्देश्य से युवती को खरीदा था।
पुलिस के अनुसार, सौदे की पूरी रकम नहीं मिलने पर आरोपी मां ने अपनी बेटी के अपहरण की झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई। गहन जांच के दौरान पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ते हुए मानव तस्करी के इस मामले का पर्दाफाश किया।
विवेचना के दौरान मामले में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के साथ पोक्सो अधिनियम की धाराएं भी बढ़ाई गई हैं। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि गिरफ्तार आरोपी पहले भी इस प्रकार के अपराधों में शामिल रहे हैं या नहीं।
पुलिस ने इस मामले में मनीष, लवी कुमार, पिंकी मलिक और पीड़िता की मां नीलम देवी को गिरफ्तार किया है। मामले की जांच जारी है।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार