दूसरी लॉटरी के मामले में शिक्षा मंत्री बेखबर! पहली लॉटरी अप्रैल में निकली, अगस्त का पहला सप्ताह बीतने के बाद भी नहीं खुली दूसरी लॉटरी
विकासनगर। शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) के तहत निजी विद्यालयों में गरीब और वंचित वर्ग के बच्चों को मिलने वाले दाखिलों की दूसरी लॉटरी अब तक नहीं खुलने को लेकर जन संघर्ष मोर्चा ने सरकार और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। मोर्चा अध्यक्ष एवं जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत की लचर कार्यप्रणाली के चलते प्रदेशभर के गरीब बच्चों को चालू शैक्षणिक सत्र 2026-27 में RTE के तहत दाखिला मिलने में देरी हो रही है।
पत्रकारों से वार्ता करते हुए नेगी ने कहा कि RTE के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश के लिए पहली लॉटरी अप्रैल माह में निकाली गई थी, जबकि दूसरी पारी की लॉटरी सामान्यतः जुलाई माह में खोले जाने की बात सामने आती रही है। लेकिन अगस्त का पहला सप्ताह बीत जाने के बाद भी दूसरी लॉटरी को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
उन्होंने कहा कि गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे RTE के तहत निजी विद्यालयों में प्रवेश की उम्मीद लगाए बैठे हैं। दूसरी लॉटरी में लगातार हो रही देरी से इन बच्चों का शैक्षणिक सत्र प्रभावित होने का खतरा पैदा हो गया है। “गरीब बच्चे आखिर जाएं तो जाएं कहां?” यह सवाल उठाते हुए नेगी ने सरकार से तत्काल स्थिति स्पष्ट करने की मांग की।
‘केंद्र से अड़चन है तो मजबूत पैरवी करे सरकार’
नेगी ने कहा कि दूसरी लॉटरी जारी नहीं होने के पीछे कारण चाहे जो भी हों, इसकी जिम्मेदारी शिक्षा विभाग और शिक्षा मंत्री की है। यदि भारत सरकार की ओर से किसी प्रकार की परेशानी या अड़चन है तो शिक्षा मंत्री को केंद्र सरकार के समक्ष मजबूती से पैरवी करनी चाहिए थी।
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीब बच्चों की शिक्षा जैसे गंभीर विषय पर भी गंभीरता नहीं दिखा रही है। नेगी ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि “हर मोर्चे पर विफल हो चुके मंत्री को आखिर सरकार क्यों ढो रही है?”
‘बताएं, क्यों बर्बाद किया जा रहा बच्चों का सत्र?’
जन संघर्ष मोर्चा ने शिक्षा मंत्री से जवाब मांगा है कि आखिर RTE की दूसरी लॉटरी खोलने में देरी क्यों हो रही है और गरीब बच्चों को निजी विद्यालयों में प्रवेश से क्यों वंचित रखा जा रहा है।
नेगी ने कहा कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 लगातार आगे बढ़ रहा है और यदि समय रहते दाखिले नहीं हुए तो इसका सीधा असर गरीब बच्चों के भविष्य पर पड़ेगा। उन्होंने सरकार से तत्काल दूसरी लॉटरी खोलने की प्रक्रिया स्पष्ट करने और प्रभावित बच्चों को समय पर प्रवेश दिलाने की मांग की।
उन्होंने चेतावनी दी कि जन संघर्ष मोर्चा इस मुद्दे को सरकार के समक्ष प्रमुखता से उठाएगा और गरीब बच्चों के शिक्षा के अधिकार से जुड़े इस मामले में चुप नहीं बैठेगा।
पत्रकार वार्ता में दिलबाग सिंह और ब्लॉक मीडिया प्रभारी अतुल हांडा मौजूद रहे।
