देहरादून। उत्तराखंड में मौसम विभाग ने अगले चार दिनों के लिए भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की ओर से जारी मौसम चेतावनी के अनुसार 14 से 17 अगस्त 2026 के बीच प्रदेश के कई जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। इस दौरान कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा वर्षा के बेहद तीव्र दौर होने की भी आशंका जताई गई है।
14 अगस्त को ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार 14 अगस्त को देहरादून, पौड़ी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, बागेश्वर और नैनीताल जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन क्षेत्रों में गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने और वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, चम्पावत और ऊधमसिंह नगर समेत अन्य जिलों में भारी वर्षा और आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट है।
15 अगस्त को पिथौरागढ़-बागेश्वर में ऑरेंज अलर्ट
15 अगस्त को पिथौरागढ़ और बागेश्वर में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इन जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की आशंका के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, चमोली, उत्तरकाशी, नैनीताल और चम्पावत समेत अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
16 अगस्त को चार जिलों में ऑरेंज अलर्ट
16 अगस्त को देहरादून, चम्पावत, बागेश्वर, ऊधमसिंह नगर और नैनीताल में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। गरज के साथ आकाशीय बिजली चमकने तथा वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। राज्य के शेष जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना के चलते येलो अलर्ट रहेगा।
17 अगस्त को देहरादून, पौड़ी और टिहरी में ऑरेंज अलर्ट
17 अगस्त को देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिलों में कहीं-कहीं भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने तथा वर्षा के अति तीव्र से अत्यंत तीव्र दौर की संभावना को देखते हुए इन जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। अन्य जिलों में भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट रहेगा।
प्रशासन ने जारी की सावधानियां
मौसम चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में ट्रैकिंग पर जाने वाले लोगों को बारिश की अवधि में ट्रैकिंग की अनुमति नहीं देने और खतरे की संभावना को न्यूनतम रखने को कहा गया है। सभी स्तरों पर तत्परता एवं सुरक्षा बनाए रखते हुए आवागमन नियंत्रित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
किसी भी आपदा या दुर्घटना की स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्रवाई करते हुए सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान करने को कहा गया है। आपदा प्रबंधन आईआरएस प्रणाली के नामित अधिकारियों और विभागीय नोडल अधिकारियों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं।
एनएच, पीडब्ल्यूडी, पीएमजीएसवाई, एडीबी, बीआरओ, डब्ल्यूबी और सीपीडब्ल्यूडी समेत सड़क से जुड़े विभागों को मोटर मार्ग बाधित होने की स्थिति में तत्काल खुलवाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। राजस्व उपनिरीक्षक, ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत अधिकारियों को भी अपने-अपने क्षेत्रों में बने रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने सभी चौकी और थानों को आपदा संबंधी उपकरणों एवं वायरलेस सेट के साथ हाई अलर्ट पर रहने, अधिकारियों-कर्मचारियों के मोबाइल फोन स्विच ऑफ न रखने तथा आवश्यक उपकरण और सामग्री वाहनों में तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।
भारी बारिश की चेतावनी के दौरान नदियों और नालों के आसपास विशेष सतर्कता बरतने तथा नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों में नालियों और कलवर्टों के अवरोध दूर करने को कहा गया है। असामान्य मौसम और भारी बारिश की स्थिति में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों के आवागमन को अनुमति नहीं देने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
जिला सूचना अधिकारियों को मौसम संबंधी सूचना आम जनता तक दृश्य एवं प्रिंट मीडिया के माध्यम से प्रसारित करने तथा सभी संबंधित अधिकारियों को किसी भी आपदा की सूचना तत्काल एसईओसी/राज्य आपदा नियंत्रण कक्ष तक पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि मौसम खराब होने की स्थिति में अनावश्यक यात्रा से बचें, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें।
