टिहरी गढ़वाल। उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक की कमांद शाखा में करीब ₹54 लाख के गबन के मामले में टिहरी पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए मुख्य आरोपी बैंक कैशियर को गिरफ्तार कर लिया है। थानाध्यक्ष छाम दिलबर सिंह नेगी के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने देहरादून में दबिश देकर आरोपी को उसके घर से गिरफ्तार किया।
पुलिस के अनुसार, 30 जून 2026 को उत्तराखण्ड ग्रामीण बैंक, शाखा कमांद के शाखा प्रबंधक ने थाना छाम में ई-एफआईआर दर्ज कराते हुए लगभग ₹54 लाख के गबन की सूचना दी थी। बैंक की आंतरिक ऑडिट और जांच समिति की पड़ताल में प्रथम दृष्टया सामने आया कि तत्कालीन कैशियर अभिलाष शर्मा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए कई खाताधारकों के खातों से फर्जी हस्ताक्षर और फर्जी निकासी वाउचरों के माध्यम से अवैध रूप से धनराशि निकाली।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक टिहरी गढ़वाल श्वेता चौबे के निर्देश पर विशेष पुलिस टीम गठित की गई। थानाध्यक्ष दिलबर सिंह नेगी के नेतृत्व में टीम ने बैंक अभिलेखों, खाताधारकों के बैंक स्टेटमेंट, निकासी वाउचरों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े दस्तावेजी एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का सूक्ष्म विश्लेषण कर मजबूत साक्ष्य जुटाए।
जांच में यह भी सामने आया कि गबन की गई धनराशि का एक हिस्सा आरोपी ने अपने खाते और रिश्तेदारों के खातों में स्थानांतरित किया था। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस टीम ने 2 जुलाई 2026 को देहरादून स्थित शक्ति कॉलोनी, बड़ोवाला निवासी आरोपी अभिलाष शर्मा पुत्र विजय शर्मा को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी की संलिप्तता से जुड़े कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं। मामले में गबन की पूरी धनराशि, फंड फ्लो, अन्य बैंक खातों में हुए लेन-देन और संभावित अन्य व्यक्तियों की भूमिका को लेकर गहन जांच जारी है।
एसएसपी श्वेता चौबे ने कहा कि आर्थिक अपराध केवल धन की चोरी नहीं, बल्कि समाज के विश्वास पर भी आघात हैं। टिहरी पुलिस ऐसे मामलों में ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर कार्य कर रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
