हरिद्वार। कुंभ मेला 2027 की तैयारियों को लेकर मेला प्रशासन साधु-संतों के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर कार्य कर रहा है। कुंभ की भव्यता और दिव्यता की चर्चा अब देश ही नहीं, बल्कि विदेशों तक पहुंच चुकी है। इसी क्रम में अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रविंद्र पुरी ने साधु-संतों के साथ प्रस्तावित गंगा घाटों एवं अन्य निर्माण कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान जापान से आए संत भी मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान संतों और मेला प्रशासन के अधिकारियों ने निर्माण स्थलों का दौरा किया तथा कुंभ क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी प्राप्त की। संतों ने निर्माण कार्यों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कुंभ मेला 2027 की तैयारियां तेजी और व्यवस्थित ढंग से आगे बढ़ रही हैं।
संतों ने कहा कि कुंभ केवल भारत का नहीं, बल्कि विश्व का सबसे बड़ा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक आयोजन है, जिसमें दुनिया भर से श्रद्धालु और पर्यटक शामिल होते हैं। यही कारण है कि तैयारियों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नजर बनी हुई है।
जापान से आए संतों ने बताया कि वहां सनातन संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं के प्रति लोगों का आकर्षण लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि आगामी कुंभ मेले में जापान से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और साधु-संत हरिद्वार पहुंचेंगे तथा इस आध्यात्मिक महापर्व का हिस्सा बनेंगे।
