हरिद्वार। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक नवनीत सिंह के नेतृत्व में हरिद्वार पुलिस ने आईसीआईसीआई बैंक के एक खाते से करीब 50 लाख रुपये की धोखाधड़ी का खुलासा करते हुए एक महिला समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड और फोन बैंकिंग का सहारा लेकर खाताधारक के नाम से नया डेबिट कार्ड जारी कराया और उससे नकदी निकालने के साथ ज्वेलरी, जमीन और स्कूटी खरीदी।

पुलिस के अनुसार, आईसीआईसीआई बैंक की पुराना रानीपुर मोड़ शाखा के प्रबंधक अपूर्व दुबे ने 8 अक्टूबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि बैंक के एक खाते से पिछले एक माह में लगभग 50 लाख रुपये के संदिग्ध लेनदेन हुए हैं। खाताधारक ने बेंगलुरु शाखा में शिकायत कर बताया कि निकासी उसकी जानकारी के बिना हुई है। इस पर कोतवाली नगर में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया।

जांच के दौरान मिले संदिग्ध मोबाइल नंबरों के आधार पर पुलिस ने भगवानपुर क्षेत्र में दबिश दी। बाद में मंडावर क्षेत्र के खेड़ी शिकोहरपुर के पास खेत के समीप खड़ी एक स्कूटी के पास मौजूद तीन संदिग्धों को पकड़ लिया। पूछताछ में उनकी पहचान संगीता देवी, उपेंद्र कुमार सहगल और रीनू कुमार उर्फ सोनू कुमार के रूप में हुई।

पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए खाताधारक के नाम का डेबिट कार्ड हासिल किया। पहला कार्ड बंद होने पर फोन बैंकिंग के माध्यम से नया एटीएम कार्ड जारी कराया गया। इसी कार्ड का इस्तेमाल कर एटीएम से नकदी निकाली गई और करीब 35 लाख रुपये की ज्वेलरी, 12 लाख रुपये का प्लॉट तथा एक स्कूटी खरीदी गई।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 13 लाख रुपये नकद, एक प्लॉट की रजिस्ट्री, एक स्कूटी, कई मोबाइल फोन, फर्जी आधार कार्ड और आकाश सिन्हा के नाम का डेबिट कार्ड बरामद किया है।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी बड़ी कंपनियों के बैंक खातों की जानकारी जुटाकर बैंकिंग प्रणाली की कमजोरियों का फायदा उठाते थे। फोन बैंकिंग और फर्जी दस्तावेजों के जरिए डेबिट कार्ड जारी कराकर खातों से रकम निकालते थे। पुलिस के अनुसार, आरोपियों की नजर कई अन्य बड़ी कंपनियों के खातों पर भी थी।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी उपेंद्र कुमार और सोनू कुमार वर्ष 2022 में एटीएम फ्रॉड के मामले में जेल जा चुके हैं, जबकि सोनू कुमार वर्ष 2013 में सहसपुर के चर्चित हत्याकांड में भी जेल गया था।

मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं की बढ़ोतरी करते हुए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों की तलाश में जुटी है।

By Mukesh Juyal

संपादक, आत्ममंथन जन मुद्दों का एक पक्षकार